पीएचसी में रात को भर्ती घायल मां बेटी
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चिल्ली गांव में एक किसान के घर गुरुवार रात सशस्त्र बदमाशों ने धावा बोला। लूटपाट का विरोध करने पर उसकी पत्नी और बेटी को तमंचे की बट व ईंट से लहूलुहान कर डाला। दोनों को मरणासन्न कर दिया और फिर मासूम बच्चे के तमंचा लगाकर नकदी व जेवर लूट ले गए। दोनों को कानपुर हैलट रेफर कर दिया गया है। बदमाशों की संख्या छह बताई जा रही है। हालांकि पुलिस चार बदमाश साबित करने में जुटी है।
थाना क्षेत्र के चिल्ली गांव निवासी किसान सलीम बख्श का गांव किनारे तालाब के पास घर है। सलीम रात को खाना खाकर खेत में खुदे आलू की रखवाली करने खेत चले गए थे। घर में पत्नी बिब्बन, विवाहित बेटी अफसाना व उसका डेढ़ साल का बेटा थे। रात लगभग एक बजे घर के दरवाजे पर अफसाना को आहट सुनाई दी। उसने मां को जगाया। शोर मचाते हुए बिब्बन ने दरवाजा खोल कर बाहर तांकझांक करने की कोशिश की। तभी धक्का देकर दो बदमाश घर में घुस गए। विरोध करने पर तमंचे की बट व ईंट से दोनों के चेहरों पर हमला किया।
उनके पीछे से दो बदमाश और घर में घुस गए। एक ने मासूम बच्चे के सीने में तमंचा लगा दिया। गोली मारने की धमकी देकर मां-बेटी को चुप करा दिया। इसके बाद बक्से का ताला तोड़कर नकदी और जेवर लूटकर फरार हो गए। सलीम ने बताया कि चार बदमाश घर में घुसे थे और बाहर दो निगरानी कर रहे थे।
तीस हजार रुपये नकदी और उसकी पत्नी व बेटी के करीब दो लाख कीमत के जेवर लूट ले गए हैं। बदमाश पीछे की तालाब किनारे की चहारदीवारी फांदकर भाग निकले। उसने आशंका जताई कि उसी रास्ते से घर में आए भी होंगे। वे इलाकाई लोगों की सूचना पर खेत से घर पहुंचे। 100 नंबर सूचना दी गई। 100 नंबर कर्मियों ने सीएचसी पहुंचाया। वहां से दोनों को कानपुर रेफर किया। मौके पर सीओ अभिषेक तिवारी जांच के लिए पहुंचे।
थानेदार घनश्याम पांडेय का कहना है कि घायलों की हालत में सुधार है। अभी बदमाशों की संख्या चार कही जा रही है। पीड़ितों के बयान से ही बदमाशों की वास्तविक संख्या तय हो पाएगी। बयान के आधार पर रिपोर्ट दर्ज होगी लेकिन कार्रवाई शुरू कर दी गई है।