फतेहपुर। नए साल की रात में मामूली कहासुनी में ही खेसहन गांव के दो गुटों में जमकर मारपीट हुई। असलहे निकल आए। एक फायर मिस और दूसरे फायर में युवक के हाथ में ही तमंचा फट गया। उसे लहूलुहान हालत में जिला अस्पताल लाया गया। इसके बाद वहां से उसे हैलट भेजा गया। इधर, पुलिस की जांच में मामला तमंचा फटने का निकला। इस पर आरोपी युवक को हिरासत में लेकर उस पर आर्म्स एक्ट की कार्रवाई की जा रही है।
मामला गाजीपुर थाना क्षेत्र के खेसहन गांव का है। गांव के राम खेलावन उर्फ खेल्ला का बेटा सुनील दुबे व झुंडी अगिभनहोत्री के बेटे सोनू के बीच रविवार रात झगड़ा हुआ। एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दी जाने लगी। बीच-बचाव के बाद दोनों पक्ष घर चल गए। ग्रामीणों के मुताबिक रात लगभग साढ़े 11 बजे सोनू और सुनील दोनों पक्ष के लोग बाहर निकल आए। उनके हाथों में असलहे भी थे। मारपीट होने लगी। लोग दहशत में घरों से छिपकर नजारा देखने लगे। एक फायर मिस हुआ फिर दूसरे फायर में सुनील चीखने लगा। उसके हाथ की गदेली फट गई थी। उसे लहूलुहान देख परिजन व ग्रामीण दौड़े। मामला तूल पकड़ चुका था, इससे बवाल कर रहे युवक भाग निकले। पुलिस को सूचना देकर लहूलुहान सुनील को सीएचसी फिर ट्रामा सेंटर लाया गया। यहां से उसे कानपुर हैलट रेफर कर दिया गया।
खेल्ला पक्ष ने आरोप लगाया कि सोनू के पक्ष के लोगों ने तमंचे से फायर कर सुनील को घायल किया है। वे उसकी जान लेना चाहते थे। दूसरी ओर झुंडी अग्निहोत्री पक्ष का आरोप था कि मारपीट में अपने ही तमंचे के फटने से सुनील घायल हुआ है। दूसरी ओर एसओ सुभाष यादव का कहना है कि किसी पक्ष ने तहरीर नहीं दी थी, लेकिन मामला फायरिंग का था। इस वजह से वह रात में ही जांच करने गांव पहुंचे। वहां का हाल देख शक हुआ। इसके बाद हैलट पहुंच गए। बकौल एसओ हैलट से सुनील अपने को डिस्चार्ज करा रहा था। इसी बीच पहुंच जाने से उसका बयान लिया गया। हथेली की इंजरी और हालात पर सवाल से वह टूट गया और बताया कि फायरिंग में उसका ही तमंचा फटने से यह हाल हुआ। एसओ ने बताया कि घटनास्थल से क्षतिग्रस्त तमंचा बरामद कर लिया गया है। सुनील को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि यह पहले भी जानलेवा हमला करने के आरोप में जेल जा चुका है। अब इस घटना में भी आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।