फतेहपुर। सदर कोतवाली और किशनपुर थाना क्षेत्र में दो लोगों ने मंगलवार को फांसी लगाकर जान दे दी। दोनों परिजनों की डांट से नाराज बताए गए।
सदर कोतवाली क्षेत्र के बकंधा गांव निवासी सीताराम का बेटा ननकू (20) मजदूरी करता था। वह पांच भाइयों में दूसरे नंबर का था। मंगलवार को कमरे में पंखे के कुंडे से रस्सी के फंदे से लटकता शव देखकर परिजन अवाक रह गए। उसके पैर के नीचे छोटा तख्त था। चौकी इंचार्ज कमलेश पाल दोपहर को मौके पर पहुंचे। पुलिस के पहुंचने से पहले शव का अंतिम संस्कार खेत में परिजन कर चुके थे।
उधर, किशनपुर थाना क्षेत्र के गाजीपुर गांव के प्रधान रामचंद्र यादव की बेटी शीलू उर्फ रेनू (19) का दोपहर को परिजनों ने फंदे पर लटकता शव देखा। वह तीन साल पहले पढ़ाई छोड़ चुकी थी। परिवार के लोग कमरे में काम पर खेत चले गए थे। घर लौटकर आए तो कमरे में पंखे के कुंडे से दुपट्टे के फंदे से शव लटक रहा था। परिजन शव का अंतिम संस्कार करने जा रहे थे, तभी सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। एसओ राजीव सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वह चित्रकूट ड्यूटी पर आए हैं। आत्महत्या की वजह परिजनों की डांट बताई जा रही है।
मवेशी घुसने के विरोध पर पीटा
जाफरगंज। थाना क्षेत्र के कोटिला गांव निवासी कल्लू का बेटा राजू मंगलवार को खेत में काम करने गया था। गांव के सुल्तान सिंह के मवेशी खेत में चले गए। राजू का आरोप है कि फसल चरने का विरोध करने पर सुल्तान सिंह ने लाठी डंडे से पीट दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। ब्यूरो