आंधी मेें खराब बिजली की केबिल ठीक करते समय ग्राम विकास अधिकारी का इकलौता बेटा करंट की चपेट में आ गया। परिजन उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवारीजन रोते बिलखते शव लेकर घर लौट गए।
मानधाता थाना क्षेत्र के सरायमुरार सिंह निवासी अनिल कुमार सिंह ग्राम विकास अधिकारी हैं और मौजूदा समय में शिवगढ़ ब्लाक में तैनात हैं। सोमवार की देर शाम आंधी के दौरान बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। रात में घर की लाइन खराब देख अनिल का इकलौता बेटा महेश प्रताप सिंह (30) उसे खुद ही ठीक करने लगा। घर के करीब लगे ट्रांसफार्मर में केबिल जोड़ते समय अचानक बिजली की सप्लाई चालू हो गई। जिससे महेश प्रताप करंट की चपेट में आ गया।
ट्रांसफार्मर पर लगे पोल से गिरने के कारण महेश झुलसने के साथ ही गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में परिजन व आसपास के लोग उसे लेकर जिला अस्पताल भागे। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही परिवारीजन रोते बिलखते हुए शव लेकर घर लौट गए। मंगलवार की सुबह परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर रवाना हुए। मृतक अपने मां-बाप की इकलौती संतान था। महेश सिंह बजरंग दल का जिला संयोजक था। जिसके कारण बड़ी संख्या में बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ता व पदाधिकारियों का जमघट लगा रहा।
तीसरे बच्चे को देखने का सपना रह गया अधूरा
ग्राम विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह के इकलौते बेटे महेश कुमार सिंह के एक बेटा धु्रव सिंह व बेटी मिष्ठी सिंह है। पत्नी प्रतिमा के पेट में तीसरा बच्चा पल रहा है। जिसके लिए महेश काफी चिंतित रहता था। तीसरी संतान का नाम रखने से लेकर उसकी परवरिश को लेकर महेश सपना देखा करता था लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। तीसरे बच्चे को देखे बिना महेश काल के गाल में समा गया। पत्नी, मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है।
कर्मचारियों ने जताया शोक
ग्राम विकास अधिकारी अनिल सिंह के इकलौते बेटे महेश सिंह की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में विकास विभाग के कर्मचारी उनके घर पहुंचे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष करुणेश प्रताप सिंह मुन्ना सिंह, हीरालाल पुष्कर, डा. एसबी शुक्ला, राजमूर्ति सौरभ, उमेश द्विवेदी, शमा, सुरेश तिवारी, सुनील प्रभाकर समेत अन्य कर्मचारियों ने दुख जताया।