4- पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता करते सीओ सिटी केडी मिश्रा।
दो लेखपाल भी फर्जी बैनामे का शिकार
जमीन खरीदने में ठगे दो लेखपाल
आरोपियों ने फर्जी तरीके से किया बैनामा, चार गिरफ्तार
पकड़े जाने पर खुली भूमिका, कई और भी दायरे में
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर।
दूसरे की जमीनों की कसौटी तय करने वाले लेखपाल खुद ही फर्जीवाड़े का शिकार हो गए। जालसाज ने फर्जी आईडी के सहारे इनकी पत्नियों के नाम दूसरे के प्लाट की रजिस्ट्री कर दी। कब्जा लेने गए तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके अलावा गैस एजेंसी का हॉकर भी धोखाधड़ी का शिकार हुआ है। पुलिस ने जांच कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जहानाबाद के लेखपाल चंद्र प्रकाश ने अपनी पत्नी सारिका और अयाह क्षेत्र के लेखपाल रविप्रताप ने पत्नी निशा देवी के नाम पुराने जीटी रोड स्थित राधा वाटिका के पास एक-एक प्लाट का बैनामा कराया। लेखपालों ने करीब छह-छह लाख रुपये में प्लाटों की रजिस्ट्री कराई थी। कब्जा लेने में विवाद हुआ तो पुलिस से शिकायत की थी। इसी प्रकार शहर कोतवाली क्षेत्र के आबूनगर निवासी हरिश्चंद्र का मुगल रोड पर प्लाट है। इनके प्लाट का किसी ने आवास विकास मोहल्ला निवासी श्रवण की पत्नी अनीता गुप्ता के नाम एक साल पहले एक लाख तीस हजार रुपये में बैनामा कर दिया था। श्रवण गैस डिलीवरी का काम करता है। कब्जा लेने पहुंचा तो उसे फर्जी तरीके से बैनामा करने का पता लगा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामलों की जांच की। सीओ सिटी केडी मिश्रा ने बताया कि पूरे गैंग को गिरफ्तार किया गया है। इनमें सभी का अलग-अलग काम है। आरोपियों में तांबेश्वर नगर निवासी मुन्ना उर्फ राजेश पाल रजिस्ट्री के दौरान गवाह बनता है। आबूनगर मोहल्ले का राजू उर्फ हैदर अली ने दलाल की भूमिका निभाई है। भैरमपुर गांव निवासी अतुल कुमार लोधी कंप्यूटर एक्सपर्ट है। वह फर्जी आईडी तैयार करता है। गैंग के सदस्य मलवां थाने के कांधी गांव निवासी अशोक कुमार उर्फ किलकारी ने हरिश्चंद्र बनकर अनीता गुप्ता को बकंधा रोड के प्लाट की रजिस्ट्री की थी। ये चारों गिरफ्तार कर लिए गए हैं। लेखपालों को रजिस्ट्री करने वाला इनका साथी हरिहरगंज निवासी पवन कुमार शुक्ला फरार है। आरोपियों की मिलीभगत से पवन ने लेखपालों को रजिस्ट्री की थी। रजिस्ट्री के दौरान लेखपालों से जमीन संबंधी सारे कागजात चेक कराए थे। पवन ने फर्जी आईडी के सहारे जयकरन बनकर लेखपाल चंद्रप्रकाश की पत्नी सारिका और लेखपाल रविप्रताप की पत्नी निशा के नाम रजिस्ट्री की थी। मामले के खुलासे में कोतवाल सुनील कुमार सिंह, आबूनगर चौकी इंचार्ज इजहार अहमद, जेल रोड चौकी प्रभारी चिंरजीव मोहन शामिल रहे।
इनसेट:
अशोक ने खोला मास्टर माइंड का राज
हरिश्चंद्र बनकर रजिस्ट्री करने वाले अशोक ने शहर के आवास विकास कालोनी निवासी नन्हू गुप्ता का नाम उजागर किया है। उसके मुताबिक नन्हू के इशारे पर ही तय रुपये लेकर रजिस्ट्री की थी। वह पहले भी ऐसी कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। सीओ सिटी केडी मिश्रा का मामले में कहना है कि आरोपी पकड़े जाने के बाद दूसरे को ही दोषी बताते हैं। विवेचना में कोई तथ्य मिलेगा तो उस पर कार्रवाई होगी।