रिटायर्ड अधिकारी से साढ़े छह लाख की ठगी
फतेहपुर। बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले गैंग ने रिटायर्ड वरिष्ठ प्रशासनिक अफसर से साढ़े छह लाख रुपये ठग लिए। गैंग ने झांसे में लेकर यह रकम डेढ़ साल में हड़पी है। अब उन्होंने एसपी समेत कई उच्चाधिकारियों से ऑनलाइन शिकायत की है।
रिटायर्ड वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि उनके पास 17 दिसंबर 2015 को अरुण शेखावत ने कॉल की। कॉलर ने खुद को एक निजी बीमा कंपनी का अफसर बताया। उसने कंपनी में 58 हजार 720 रुपये पड़े होने की बाबत बताया। इस रकम को दिलाने का भरोसा भी दिया। रकम दिलाने के बाद कंपनी की दूसरी बीमा पालिसी लेने का वादा करा लिया।
इसके लिए पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासबुक, 24 हजार की चेक , फोटो दे दी। पालिसी इसी माह मिल गई थी। इस दौरान अरुण ने ईमेल आईडी भी बनाई। इसका पासवर्ड अपने पास रखा। दोबारा 16 जनवरी 2016 को सुरेश कुलकर्णी नाम के व्यक्ति की कॉल आई। उसने एक टोकन के बदले दूसरी बीमा कंपनी की 49 हजार रुपये की पॉलिसी दिलाई।
उन्होंने बेटे अभिषेक को इलाहाबाद भेजकर पॉलिसी ली। इसके बाद अरुण शेखावत व सुरेश कुलक र्णी उससे चेक व बैंक खाते में ट्रांसफर, केमआई सर्विस, नेफ्ट के तहत रकम मंगाते रहे। इस तरह से तीन लाख 21 हजार 400 रुपये जमा करा लिए। इन्होंने सारी रकम सुरक्षित होने और बोनस के साथ जल्द ही आठ लाख रुपये मिलने का आश्वासन दिया। बाद में दिल्ली से अंजली माथुर ने 18 जून 2016 को मोबाइल पर कॉल की। इन्हाेंने अरुण शेखावत के गलत तरीके से रुपये लेने का हवाला दिया।
इन्होंने खुद को मूल रूप से फतेहपुर के मखदूमपुर का रहने वाला बताया। फंसे रुपये निकलवाने की बात कही। साथ ही एक निजी बीमा कंपनी कानपुर की डेढ़ लाख की पॉलिसी दे दी। इसी कंपनी के संदीप महाजन ने कॉल कर बताया कि पॉलिसी कैं सिल होकर कई गुना रकम खाते में आएगी।
इन्होंने मध्यप्रदेश के भोपाल में अशोक सम्राट नगर के पते पर स्पीड पोस्ट भेजने के लिए कहा। वह संबंधित पते पर पहुंचे। तीन दिन बाद कंपनी के सीनियर किशनकांत भार्गव ने कॉल कर बताया कि उन्हें मिलने वाले 11 लाख 51 हजार रुपये सस्पेंड खाते में चले गए हैं।
यह रकम अरुण शेखावत अपनी पत्नी रेखा के खाते से ट्रांसफर करा देंगे। इसके बाद 72 घंटे के भीतर 50 हजार रुपये मांगे गए। बाद में 41 हजार 600 की मांग हुई। यह रुपये न देने पर सारी रकम डूबने का हवाला दिया गया।
इस तरह अंजली माथुर ने साढ़े तीन लाख रुपये ठग लिए। पिछले माह उनके खाते से भी एक बीमा कंपनी ने दो बार रकम निकाली है। कोतवाल सच्चिदानंद त्रिपाठी ने बताया कि शिकायत आने पर जांच की जाएगी।
- पहली बार 24 हजार की पॉलिसी देकर फंसाया, डेढ़ साल लाखों का ख्वाब दिखाकर देते रहे झांसा