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डीएम की गोपनीय टीम को दरोगा ने दौड़ाया

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फतेहपुर। मौरंग की ओवरलोडिंग व पकड़े जाने वाले वाहनों को छोड़ने की शिकायतों को परखने के लिए डीएम ने अपनी गोपनीय टीम भेजी तो चौंकने वाला नजारा सामने आया। ओवरलोडिंग ट्रकों के बीच खड़े दरोगा व सिपाहियों ने टीम को वीडियो बनाने पर दौड़ा लिया।
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आरोप है कि वह टीम से अपने मुताबिक कार्रवाई लिखवाना चाह रहे थे। टीम के लौटने पर डीएम ने एसपी से इस संबंध में बात की। माना जा रहा है जल्द ही इस पर जांच या फिर सीधे कार्रवाई हो सकती है।

डीएम के निर्देश पर जिला सूचना अधिकारी रामस्वरूप वर्मा और डीएम के स्टेनो लल्लू राम व सरकारी गनर मौरंग की ओवरलोडिंग कर रहे ट्रकों व कार्रवाई को परखने निकले थे। ललौली से लौटते समय राधानगर चौकी के पास बीसीसी मैदान में उन्हें पांच ट्रक ओवरलोड मौरंग के साथ दिखाई दिए।
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टीम मौके पर पहुंची तो वहां एक दरोगा और कुछ सिपाही भी थे। डीएम के स्टेनो के निर्देश पर गाड़ी चालक ने पांचों ट्रकों की फोटो खींचना शुरू किया। आरोप है कि इस पर दरोगा ने अपशब्दों का प्रयोग कर फोटो न खींचने का दबाव बनाया।

मौके पर ही एक ट्रक से पुलिस को मौरंग उतरवाता देख जब चालक ने वीडियो बनाना चाहा तो दरोगा व सिपाहियों ने टीम को दौड़ा लिया। हांफते हुए चालक रोड पर खड़े सूचना अधिकारी और स्टेनो के पास पहुंचे तो पीछा करते हुए दरोगा भी आ गए।

उन्होंने टीम से पांच में से दो ट्रकों का नंबर न लिखने को कहा। टीम ने ऐसा करने से मना किया तो दरोगा उन पर बरस पड़े। जैसे-तैसे टीम वहां से निकली और जिलाधिकारी आवास पहुंचकर आपबीती बताई। जिला सूचना अधिकारी रामस्वरूप वर्मा ने डीएम आंजनेय कुमार सिंह को रिपोर्ट देकर पूरी घटना की जानकारी दी।

इस पर डीएम ने पुलिस अधीक्षक राहुल राज से बात कर उन्हें पूरी जानकारी दी। इस बारे में डीएम का कहना है कि प्रकरण संवेदनशील है कार्रवाई व जांच के लिए पुलिस अधीक्षक को कहा गया है।
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मौरंग ओवरलोडिंग की जांच करने गई थी प्रशासनिक टीम
डीएम ने की एसपी से बात, हो सकती है जांच या कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
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