फतेहपुर। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की मौत का रहस्य पोस्टमार्टम में भी नहीं सुलझ सका। मौत का कारण स्पष्ट न होने की वजह से जांच के लिए विसरा रखा गया है। हालांकि प्रथम दृष्टया जहर का अंदेशा जताया जा रहा है।
बिंदकी के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी अशोक कुमार कनौजिया (50) सोमवार शाम कमरे में अचेत हालत में कर्मचारियों को मिले थे। वह ललौली रोड शिव मंदिर के पास किराये पर रहते थे। प्रतापगढ़ से करीब एक साल पहले जिले में तैनात हुए थे। मूलरूप से प्रयागराज अतरसुइया थाने के बादशाही मंडी मीरापुर के निवासी थे। अधिकारियों के आदेश पर शव का पोस्टमार्टम दोपहर 12 बजे कराया गया। उनके भाई श्यामबाबू, भाभी सावित्री, पत्नी नीतू व अन्य परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।
भाभी सावित्री कुछ महिलाओं के साथ अलग बैठी दिखीं। पत्नी नीतू अलग पेड़ के नीचे बदहवास बैठी थी। पत्नी नीतू ने बताया कि मायके लखनऊ शहादतगंज के चौपटिया में तीन बच्चे अनुष्का, अराध्या, अक्षत के साथ रहती है। उसकी शादी के करीब 12 साल हुए थे। बच्चों से सोमवार दोपहर बातचीत फोन पर हुई थी। वह ट्रांसफर कराकर कुछ दिनों में परिवार के पास लखनऊ आना चाहते थे। उनकी मौत कैसे और क्यों हुई, कुछ समझ नहीं आ रहा है। भाई श्यामबाबू ने बताया कि छोटे भाई का परिवार शादी के बाद अलग लखनऊ में रहने लगा था। उससे बहुत कम ही बातचीत होती थी। एसआई इजहार अहमद ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही जांच शुरू हो पाएगी।