फतेहपुर। बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के गांव जबरापुर में बुधवार की रात तकरीबन 11 बजे पति ने लोहे की किसी वजनी चीज से हमला कर पत्नी को मार डाला। बाद में जहरीला पदार्थ खाकर खुद भी जान दे दी। घटना की वजह पति के नशे का लती होने से आए दिन घर में कलह सामने आ रही है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
गांव जबरापुर निवासी रामस्वरूप रैदास (50) शराब और गांजा के नशे का लती था। बुधवार की रात पत्नी शिवप्यारी (45) घर में सो रही थी। रामस्वरूप अचानक रात में उठा और लोहे की किसी वजनी चीज से पत्नी पर ताबड़तोड़ हमला किया। मां की चीख सुनकर घर के बाहर कार में बैठा बेटा विनोद दौड़कर अंदर पहुंचा। इसके
बाद रामस्वरूप वहां से भाग निकला। बेटे विनोद ने बताया कि बरामदे की बत्ती अचानक बुझ गई थी। उसके बाद मां की चीख सुनाई दी। पिता को मां की चारपाई के पास खड़ा देखा। चारपाई के नीचे खून से लाल लोहे की रॉड (सबरी) पड़ी थी। हमले से मरणासन्न हालत में मां को देखकर सीएचसी लेकर पहुंचा। वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मां को मृत घोषित कर दिया।
विनोद के मुताबिक कुछ देर बाद पिता मुंह से झाग छोड़ते घर पहुंचे तो जहर खाने का नाटक करना मानकर लोगों ने पिता को चारपाई से बांध दिया। कुछ देर बाद उनकी मौत की खबर मिली। पुलिस को घर में ही इलेक्ट्राल पाउडर काले रंग का मिलावटी पदार्थ, खाली गिलास मिला। कयास लगाया जा रहा है कि हत्या के बाद रामस्वरूप ने जहरीला पदार्थ खाया होगा। वहीं, गांव वाले काले रंग का कांच मिला होना बता रहे हैं।
विनोद ने बताया कि पिता बटाई पर खेत लेकर किसानी करते थे। नशे के लती होने के कारण अक्सर मां के साथ गाली गलौज व मारपीट करते थे। बुधवार की शाम नशे में खेत से भूसा ढोने के लिए मां पर दबाव बना रहे थे। मां ने रात को जाने से इंकार किया था। सूचना मिलने पर सीओ अभिषेक तिवारी, कोतवाल तेज बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे। कोतवाल ने बताया कि तहरीर छोटे बेटे दिनेश की ओर से मिली है, जिसमें कुल्हाड़ी से हत्या किए जाने की बात आई है। नशेबाज पति ने घटना की है और बाद में जेल जाने के डर से खुद जान दे दी है।
पुलिस वारदात के चार घंटे बाद मौके पर पहुंची। घटनास्थल से पुलिस को हत्या में प्रयुक्त हथियार नहीं मिला है। बड़ा बेटा विनोद कार ड्राइविंग करता है। वह मां को लेकर जिला अस्पताल आ गया था। दूसरा बेटा दिनेश मौके पर था। उसके अनुसार पुलिस ने कुल्हाड़ी से हमला किए जाने की तहरीर पर कार्रवाई की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच होगी कि रामस्वरूप ने किस हथियार से हमला किया है। वहीं, परिजनों ने बताया कि रामस्वरूप चाकू, कुल्हाड़ी, डंडा, सबरी अपनी चारपाई के पासरखता था। नशे में होने पर परिवार के साथ मारपीट में हथियार उठा लेता था।
जरा भी रहम नहीं आया, पत्नी पर करता रहा प्रहार
क्रासर---
शरीर पर चोटों का निशान देख लगाया जा रही यही अनुमान
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। गांव जबरापुर में बुधवार की रात पत्नी को लोहे की किसी वजनी चीज से बेरहमी से मार मार कर हत्या करते समय पति रामस्वरूप को जरा सा भी रहम नहीं आया। वह क्रूरता पूर्वक ताबड़तोड़ हमला करता रहा। पत्नी के शरीर पर चोटों का निशान देख यही अनुमान लगाया जा रहा है।
जानकारी मिली है कि शिवप्यारी पति रामस्वरूप की हरकतों का विरोध करती थी। वह शराब व गांजा का नशा करने से मना करती थी। इसको लेकर परिवार में अक्सर विवाद रहता था। घर में रामस्वरूप की वजह से कलह का माहौल रहता था। गाली गलौज व मारपीट आम बात थी। अक्सर रामस्वरूप नशे में चिल्लाने लगता था। परिवार के लोग इसे रोजाना का विवाद मानकर टाल देते थे। बेटे विनोद ने बताया कि मां की चीख पुकार पर वह घर के अंदर घुसा था। उस समय पिता के हाथ में कुछ नहीं दिखा था और पिता घर के बाहर चला गया। मां की कनपटी में चोट लगी। उसमें लोहे की रॉड घुसाने जैसा प्रतीत हुआ। दूसरा हमला चेहरे पर किया। जबड़ा टूट गया। मां के पैर में चोट लगी थी, जिसे देखकर अंदाजा लगाया गया कि हमले से मां तड़पती रही होगी। परिजनों ने बताया कि शराब के नशे में अक्सर रामस्वरूप खुद के जान देने की बात कहता था। पांच दिन पहले पत्नी शिवप्यारी के साथ मारपीट की थी। प्लास्टिक की कुर्सी फेंक कर मारी थी। उसके बाद घर में रखी कढ़ाई उठाकर मारा था।
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शादी के शोर में दबी शिवप्यारी की चीखें
कुछ दूरी पर हीरालाल के घर बेटी की बारात आई थी। मृतक दंपति के कुछ लड़के, लड़कियां भी बरात देखने गए थे। परिवार के कुछ सदस्य अंदर सो रहे थे। बाहर विनोद कार के अंदर मोबाइल में व्यस्त था। शादी के डीजे का शोर भी हो रहा था। शायद इसी वजह से शिवप्यारी पर हुए पहले हमले के बाद कोई कुछ समझ नहीं पाया होगा।
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छह बेटे व दो बेटियों से छिना मां बाप का साया
पत्नी की हत्या के बाद खुद जान देने वाले रामस्वरूप के छह बेटे और दो बेटियां हैं। किसी की शादी नहीं हुई है। एक साथ पिता और मां की मौत से बेटे बेटियों के सिर से मां बाप का साया उठ गया। सबसे बड़ा बेटा विनोद कुमार (30), दिनेश कुमार (25), प्रदीप कुमार (28), पिंटू (20), शुभम (16), सत्यम (11) है। बेटियां प्रियंका देवी (18), मोहनी देवी (14) हैं।
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