अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। मिनी सचिवालय की धनराशि का बंदरबांट करने वाली कार्यदायी संस्था के प्रभारी अधीक्षण अभियंता समेत सात लोगों पर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश हुआ है। विशेष अनुसंधान शाखा सहकारिता की टीम ने जांच में सभी को आरोपी बनाया है।
औंग कस्बा के शिवसहाय वर्मा ने मई 2016 में मुख्यमंत्री से पोर्टल पर शिकायत की थी। इसमें मिनी सचिवालय को आधा बनाकर कार्यदायी संस्था को पूरी धनराशि हजम करने का आरोप लगाया था। मिनी सचिवालय की धनराशि अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत से अवमुक्त हुई थी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि लखनऊ से जांच के बाद जारी हुआ लेटर मिला है। इसमें कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश श्रम एवं निर्माण सहकारी लिमिटेड (लैकफैड) के तत्कालीन प्रबंधक निदेशक वीपी सिंह, मुख्य अभियंता गोविंद करन श्रीवास्तव, अधिशासी व प्रभारी अधीक्षण अभियंता अजय कुमार दोहरे, महा प्रबंधक प्रशासनिक शंकर त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार साहू, सहायक अधिशासी अभियंता संजय कुमार और लेखाकार अनिल कुमार अग्रवाल को आरोपी बताया गया है।
अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत विपिन चंद्र पंत ने बताया कि विभाग से धनराशि अवमुक्त की गई थी। ग्रामीणों की शिकायत पर जांच चल रही थी। जांच टीम की ओर से अभी कोई लेटर नहीं मिला है।