कोतवाली में मौजूद मृतक के परिजन। संवाद
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फतेहपुर। धोखाधड़ी के मामले में हिरासत में लिए गए अनुसूचित जाति के युवक सत्येंद्र कोरी (28) का शव रविवार सुबह राधानगर थाने के शौचालय में मिला। परिजनों ने तीन दिनों से हिरासत में रखकर प्रताड़ित करने, रिश्वत मांगने और हत्या का आरोप लगाकर हंगामा किया।
सत्येंद्र की मां रामदुलारी की तहरीर पर पुलिस ने थाना प्रभारी निरीक्षक, चौकी इंचार्ज व पांच अज्ञात पुलिस कर्मियों पर हत्या, बंधक बनाकर रुपये वसूलने और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एसपी राजेश कुमार सिंह ने थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह, उपनिरीक्षक विकास सिंह और कांस्टेबल देवेंद्र सिंह को निलंबित कर मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
मूल रूप से ललौली के कीर्ति खेड़ा निवासी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सत्येंद्र सदर कोतवाली क्षेत्र के जयराम नगर मोहल्ले में गौरव शुक्ला के मकान में किराये पर रहते थे। बड़े भाई अरविंद ने बताया कि सत्येंद्र को पुलिस गुरुवार रात घर से ले गई थी। शनिवार को वह भाई से मिलने थाने पहुंचे तो सत्येंद्र ने खुद को निर्दोष बताया। भाई से मिलने के बाद एक दरोगा ने तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगते हुए धमकी दी कि रुपये न देने पर डेबिट कार्ड बदलकर धोखाधड़ी के 18 मामलों में सत्येंद्र को जेल भेजा जाएगा। रात 10 बजे सत्येंद्र ने फोन कर जान का खतरा बताया था। पुलिस ने सुबह करीब 10 बजे भाई की मौत की सूचना दी। एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि चौकी में सुबह सत्येंद्र की हालत बिगड़ी। पुलिस जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। प्रथम दृष्टयता बीमारी से मौत होना प्रतीत हो रहा है। वीडियोग्राफी में डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है।
सतेंद्र की फाइल फोटो। संवाद- फोटो : FATEHPUR