फतेहपुर। खागा न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में तैनात वरिष्ठ लिपिक पर मुकदमे में समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। मामले में लिपिक की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। वरिष्ठ लिपिक अशोक कुमार तोमर ने एफआईआर में बताया कि नौ सितंबर को सत्यप्रकाश दुबे उनके कार्यालय आए थे। वे मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगे और सरकारी कार्य में बाधा पैदा की। वीडियो बनाने के लिए कोर्ट परिसर में मना किया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट खागा के सामने सत्यप्रकाश को पुलिस कर्मियों ने प्रस्तुत किया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर सत्यप्रकाश के खिलाफ उनकी ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद से उस पर समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। सुलह न करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इससे उसकी जान का खतरा महसूस हो रहा है। कोतवाल जेपी शाही ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है।