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बिसौली से लौटते समय अनुज व गौरव ने मारी थी हॉकी

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फतेहपुर। शहर में हुए ठेकेदार मनीष तिवारी हत्याकांड में पुलिस ने एक अभियुक्त गौरव अग्निहोत्री को ज्वालागंज बस अड्डे से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जबकि मनीष के साले अनुज शुक्ला की तलाश जारी है। गौरव ने पुलिस को घटना के बारे में जानकारी दी है।
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पुलिस हिरासत में गौरव ने बताया कि तीन जून की रात को मनीष अपनी इनोवा कार से अनुज व उसके साथ बिसौली गांव गया था। यहां पर मनीष ने ट्रांसफार्मर वर्कशॉप लगाने के लिए जमीन खरीदी थी। बिसौली जाने से पहले अनुज शुक्ला व गौरव ने जमकर शराब पी रखी थी। बिसौली से लौटते समय मनीष कार में पीछे बैठा था और अनुज शुक्ला गाड़ी चला रहा था। जबकि गौरव अनुज के बगल में आगे की सीट पर बैठा था। चलती कार में मनीष ने अपने साले अनुज से कहा कि उसकी वजह से वह पीएनसी में बुरी तरह से फंस गया है। उसका करीब डेढ़ करोड़ रुपया फंसा है, जिसे निकालने में वक्त लेगा। अनुज के कहने पर मनीष ने इस नए धंधे में हाथ डाला था।
मनीष की बात अनुज को बुरी लगी तो उसने नशे में जीजा को अपशब्द कहना शुरू कर दिया। जिस पर मनीष ने अनुज को पीछे से थप्पड़ मारे। यह देख गौरव ने मनीष को पकड़कर पीछे धक्का दिया और शांत रहने को कहा। तैश में आए मनीष ने गौरव को नौकर हो और औकात में रहने की बात कही। इतने में दोनों ओर से गाली-गलौज तेज हो गई। अचानक मनीष ने पीछे पड़ी हॉकी उठाकर गौरव के सिर पर मार दी तो वह घायल हो गया। यह देख अनुज ने भिटौरा बाईपास के नजदीक ले जाकर गाड़ी रोकी और मनीष को नीचे उतारा। दोनों ने बारी-बारी से हॉकी से उसके सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार कर उसे बेदम कर दिया था। पुलिस ने इनोवा कार व हॉकी बरामद कर उसे कब्जे में ले लिया है।
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इनसेट-
गाड़ी में डाला और ले आए पत्थरकटा
मनीष को पीटकर बेदम करने के बाद दोनों ने उसे गाड़ी में डाला और वहां से पत्थरकटा चौराहे पर पहुंचे। उन्होंने इस घटना को एक्सीडेंट दिखाने की नियत से मनीष को बाहर निकाला और बाहर सड़क पर फेंक दिया। योजना यह बनाई कि पूछताछ में यह बताया जाएगा कि मनीष नशे की हालत में गिरकर घायल हुआ है। हालांकि वह इस प्लान को बता नहीं सके और पुलिस आ गई। इसमें किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा मारपीट की बात बताकर पल्ला झाड़ा गया था।
इनसेट-
साक्षी तिवारी व गौरव में हुई थी कहासुनी
पत्थरकटा चौराहे पर पहुंचने से पहले अनुज शुक्ला ने अपनी बहन व मनीष की पत्नी साक्षी को फोन करके मनीष के घायल होने की जानकारी दे दी थी। जैसे ही वह पत्थरकटा चौराहे पहुंचे तो कुछ देर बाद साक्षी भी वहां पहुंची। मनीष की हालत देख उन्होंने अनुज व गौरव से यह बात पूछी की जब किसी ने उनके साथ मारपीट की तो उन्होंने अस्पताल क्यों नहीं पहुंचाया। नशे में धुत गौरव ने साक्षी से कहा कि वह उसका नौकर नहीं है। जवाब में साक्षी ने कहा कि वह आफिस में मनीष का नौकर ही है।
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