औंग (फतेहपुर)। सेना में नौकरी का झांसा देकर हिस्ट्रीशीटर ने प्रयागराज के तीन युवकों से तीन लाख 60 हजार रुपये ठग लिए। तीनों युवकों को लखनऊ सेना के कमांडेंट कार्यालय में बुलाकर टेस्ट और दौड़ कराई गई थी। ठगी के शिकार युवकों ने रुपये हिस्ट्रीशीटर के खाते में ट्रांसफर किए थे। इसी साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
प्रयागराज के सरायंममरेज थाना क्षेत्र के पैगुआ निवासी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि उनके ससुर सेवानिवृत्त फौजी हैं। उनके इलाज के लिए सेना कमांडेंट लखनऊ कार्यालय आना-जाना रहता था। सेना कार्यालय में लोगों का कामकाज कराने वाले औंग निवासी नीलेश पटेल उर्फ धीरज पटेल से मुलाकात हुई। 2019 में बातचीत के दौरान नीलेश ने सेना में लड़के भर्ती कराने की बात कही। उसने भतीजे विभम सिंह, पहचान के अमरपाल, राजू पाल की भर्ती के लिए बातचीत की। नीलेश पटेल ने हर लड़के का चार लाख रुपये खर्च बताया। रुपये खाते में ट्रांसफर करने की बात कही। बातचीत के बाद तीन लाख 60 हजार रुपये नीलेश पटेल के खाते में जमा किए। इस दौरान नीलेश ने तीनों अभ्यर्थियों को कमांडेंट कार्यालय बुलाया।
भर्ती के दौरान होने वाले टेस्ट, फिंगर प्रिंट, लंबाई, चौड़ाई, दौड़ कराई। तीनों के सारे मूल शैक्षिक प्रमाण पत्र जमा करा लिए। उसके बाद के टरकाता रहा। छह माह से फोन उठाना बंद कर दिया और उनके मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल दिए। रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी देने लगा। थाने में पता चला कि नीलेश हिस्ट्रीशीटर है। प्रभारी निरीक्षक जयचंद्र भारती ने बताया कि रुपये, प्रमाण पत्र हड़पने और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
गांव में नीलेश उर्फ धीरज को ज्ञानू पटेल के नाम से भी जाना जाता है। उसने अपने एक साथी के साथ 2017 में मिर्च कारोबारी के साथ लूट की थी। उसके खिलाफ थाने में 2018, 2019, 2020 में मिनी गुंडाएक्ट और धमकी का मुकदमा दर्ज हुआ था। कार में मादक पदार्थ लेकर जाते समय 2021 में नीलेश को पुलिस ने पकड़ा था। पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोली है।