फतेहपुर जिले में शादी में बाधक बनने पर प्रेमिका की हत्या में कोर्ट नंबर पांच के न्यायाधीश जुनैद मुजफ्फर ने आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। गाजीपुर थाना क्षेत्र के बिझौली गांव निवासी दीपक कुमार शुक्ला कानपुर में पल्लेदारी का काम करता है।
उसकी पत्नी सुमन गांव में रहती थी। महिला के गांव के राहुल मिश्रा से अवैध संबंध हो गए थे। राहुल की 2015 में शादी तय हो गई थी। यह बात सुमन को पता लगी तो उसने राहुल की शादी का विरोध किया। इस पर राहुल ने सुमन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
26 अगस्त 2015 की शाम गांव छोड़कर भागने के बहाने से सुमन को रेलवे स्टेशन बुलाया। उसके बाद 50 नंबर रेलवे फाटक ऋतुराज डिग्री कॉलेज के पास झाड़ियों में ले गया। पानी में नींद की गोलियां घोलकर सुमन को पिला दी। कुछ देर बाद सुमन बेहोश हो गई। इसके बाद साड़ी से सुमन का गला घोंट दिया। उसके जेवर उतारकर भाग निकला था। अपर शासकीय अधिवक्ता रघुराज सिंह ने बताया कि कोर्ट के समक्ष नौ गवाह पेश हुए। कोर्ट ने पर्याप्त साक्ष्य होने पर राहुल मिश्रा को सजा सुनाई है।