कृष्णकुमार सिंह उर्फ बोधी सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर जिले में मारपीट में घायल ढाबा संचालक की सोमवार को लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा। ग्रामीणों ने पुलिस कार्यशैली का विरोध करते हुए जाम लगाने का प्रयास किया, सूचना पर बिंदकी सीओ, एक प्लाटून पीएसी समेत कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। परिजनों ने विवेचक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इस पर एसपी ने चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया।
कल्यानपुर थाना क्षेत्र के गांव मौहार निवासी कृष्णकुमार सिंह उर्फ बोधी सिंह (65) बीती 28 जुलाई अपने हाईवे पर स्थित ढाबे के पीछे घूमने गए थे। ढाबे के पीछे बने पार्क में गांव के ही उत्तम सिंह के पशु घुस आए थे। इसका बोधी सिंह ने विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया।
उत्तम सिंह, गजोधर सिंह, मुन्ना सिंह, शैलेंद्र सिंह, अमन सिंह ने बोधी सिंह पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बोधी सिंह कोमा में चले गए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों से रिपोर्ट दर्ज की थी। इधर, इलाज के दौरान बोधी सिंह कानपुर से रविवार को लखनऊ अपोलो हास्पिटल के लिए रेफर किया था।
जहां सोमवार सुबह बोधी सिंह ने दम तोड़ दिया। शव गांव पहुंचने पर परिजन और ग्रामीणों ने पुलिस पर नाराजगी जताते हुए हाईवे पर जाम लगाने की तैयारी शुरू कर दी। इसकी जानकारी मिलते ही पीएसी, सीओ परशुराम त्रिपाठी, कल्यानपुर, बकेवर, जहानाबाद, औंग, बिंदकी, मलवां थानेदार फोर्स के साथ गांव पहुंच गए। कार्रवाई का आश्वासन देकर सीओ ने परिजनों को शांत किया। बेटे दिलीप ने थानेदार व चौकी इंचार्ज पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की।
एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि विवेचक/चौडगरा चौकी इंचार्ज धीरेंद्र पांडेय को निलंबित किया गया है। 11 अगस्त को विवेचक दो आरोपियों को कोर्ट लेकर गए थे। प्राथमिक मेडिकल रिपोर्ट देखकर कोर्ट ने रिमांड खारिज किया था। विवेचक को डॉक्टर की विस्तृत मेडिकोलीगल रिपोर्ट के साथ आरोपियों को जेल भेजने का आदेश दिया था।
समय रहते विवेचक ने कार्रवाई नहीं की। वादी से भी गलत बर्ताव की शिकायत भी आई। विवेचक की लापरवाही की वजह से हंगामा हुआ और जाम लगाने की स्थित पैदा हो गई। इस आधार पर कार्रवाई की गई है। आरोपियों की तलाश में छापामारी की जा रही है।