फतेहपुर। बुंदेलखंड हथकरघा सहकारी समिति के संचालक मो. अनवर के खिलाफ 7.93 करोड़ रुपये की धोखधड़ी का मुकदमा कोतवाली पुलिस ने दर्ज किया है। हथकरघा समिति सदर कोतवाली के आबूनगर में संचालित होती थी, जिसकी जमीन पर संचालक का अवैध कब्जा भी था।
लखनऊ दरियापुर रोड एफसीआई निवासी मो. रऊफ हैंडलूम एंड क्राफ्ट फर्म के मालिक हैं। उन्होंने एफआईआर में बताया कि मो. अनवर ने बुंदेलखंड हथकरघा सहकारी समिति लिमिटेड जीटी रोड, आबूनगर हैंडलूम उत्पादन रजिस्टर्ड के कागजात दिखाए थे। यूपी हैंडलूप कानपुर से समिति संचालन के लिए जमीन 90 साल की लीज पर मिलने का कागजों में ब्यौरा था। निवेश से काफी फायदा होना बताया था।
विश्वास में आकर रऊफ ने आबूनगर में संचालित फर्म में दरी, धागा हैंडलूम उत्पादन के लिए वर्ष 2015 में 1.10 करोड़ रुपये दिए थे। उसके 76.73 लाख रुपये अभी तक नहीं लौटाए हैं। इसके अलावा मो. अनवर ने बुंदेलखंड हैंडीक्राफ्ट द्वारा वस्त्रों के उत्पादन, धागा, कच्चा माल उनकी फर्म में निर्यात करने की बात कही। इसके एवज में रऊफ ने करीब 58.31 लाख, 45 लाख, 73.35 लाख व 1.76 करोड़ रुपये अनवर के खाते में भेजे।
बांदा में संचालित मो. अनवर के तीसरे प्रतिष्ठान बुंदेलखंड एपेक्स हैंडलूम कोआपरेटिव मार्किंग फेडरेशन लिमिटेड में फर्म खाते से डेढ़ करोड़ से अधिक की धनराशि दी थी। करीब तीन माह पहले बुंदेलखंड हथकरघा सहकारी समिति सरकारी जमीन पर बुलडोजर चला।
तभी जमीन सरकारी होने का पता लगा। जमीन के बारे में पता लगा कि यूपी हैंडलूम काकादेव कानपुर से एक साल के किराये पर मो. अनवर ने बुनकरों के उत्थान के लिए ली थी। उसने यूपी हैंडलूम में किराया भी नहीं जमा किया। उसके बाद रुपये लेकर कुछ लोगों को जमीन पर कब्जा करा दिया।
99 साल की लीज के कागजात फर्जी होने का पता लगा। उसने रुपयों की मांग की। उसे मो. अनवर ने लेनदेन के हिसाब के लिए बांदा चमरौदा गायत्री नगर दाल मिल बुलाया। मौखिक और लिखा पढ़ी में रुपये लौटाने का वादा किया, लेकिन रकम वापस नहीं की।
दबाव बनाने पर गाली गलौज और जान से मारने की धमकी दी। कुल 7.93 करोड़ रुपये मो. अनवर ने हड़पे हैं। कोतवाल अमित मिश्रा ने बताया कि धोखाधड़ी, गबन समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।