फतेहपुर। एंटी करप्शन की कानपुर इकाई ने 12 साल से फरार तत्कालीन वन निगम के उप लॉगिन अधिकारी को भगोड़ा घोषित किया है। उसके खिलाफ विवेचक ने कोर्ट के आदेश पर सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विवेचक जटाशंकर सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि एंटी करप्शन ने वन निगम में तैनात रवींद्र प्रताप सिंह उप लांगिग अधिकारी को 2010 में भ्रष्टाचार के मामले में पकड़ा था। उसके खिलाफ छह दिसंबर 2010 में धोखाधड़ी, कूटरचना, साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। रवींद्र प्रताप मूल रूप से आलमगंज, सदर कोतवाली जिला जौनपुर का रहने वाला है। उसके दूसरे घर सुलभ आवास एसएसबी आवास के पीछे गोमती नगर विस्तार लखनऊ और बी-256 कन्हैया नगर, मोहम्मदपुर खत्री थाना गुडम्बा लखनऊ में हैं। कोर्ट ने 15 जून 2021 को गैर जमानती वारंट जारी किया था।
इन सभी जगहों पर टीम ने गैर जमानती वारंट तामीला कराया। इसके बाद भी रवींद्र प्रताप हाजिर नहीं हुए। कोर्ट ने 23 सितंबर 2021 को कुर्की नोटिस का आदेश जारी किया। नोटिस का तामीला आगरा इकाई द्वारा कराया गया। कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किए जाने पर रवींद्र प्रताप पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमे का आदेश कानपुर एसएसपी द्वारा किया गया है। प्रभारी कोतवाल आनंद कुमार पाठक ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जा रही है। रवींद्र प्रताप को भगोड़ा घोषित किया गया है।