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सीबीआई की टेक्निकल टीम ने कालेज प्रबंधक का फोन लौटाया

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फतेहपुर। कालेज प्रबंधक हत्याकांड को सुलझाने में पुलिस के पास लॉक एप्पल फोन ही एक मात्र सहारा है। प्रदेश के कई पुलिस और उससे जुड़े टेक्निकल संस्थानों में फोन नहीं खुल सका था। इस पर पुलिस ने इसे खुलवाने को दिल्ली सीबीआई टेक्निकल टीम को भेजा। वहां से भी निराशा हाथ लगी है और फोन वापस भेज दिया गया। पुलिस ने फिर से इसे लखनऊ प्रयोगशाला भेजा है।
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खागा कोतवाली क्षेत्र के ब्राह्मण टोला निवासी यशवंत सिंह कोआपरेटिव बैंक के रिटायर्ड सचिव है। उनका छोटा बेटा योगेंद्र सिंह उर्फ बउवा (28) थरियांव के घूरी गांव स्थित ठाकुर रामऔतार सिंह डिग्री कालेज का प्रबंधक था। उसका खागा नौबस्ता रोड पर मैरिज हाल भी है। मैरिज हाल में 30 अक्तूबर की सुबह योगेंद्र का शव कार से बरामद हुआ था। गोली सीने में बाईं ओर लगी थी। कार से तमंचा बरामद हुआ था। इस पर मृतक के फिंगर प्रिंट नहीं थे। हालातों से परिजनों को हत्या का शक हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गोली मारने का एंगल आया था। बड़े भाई नागेंद्र सिंह ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को दो मोबाइल फोन एक कीपैड दूसरा एप्पल फोन मिले थे। पुलिस ने सीडीआर खंगाला। कोई निष्कर्ष न निकलने पर जांच क्राइम ब्रांच इन्वेस्टीगेशन विंग को भेजी गई। यहां तीसरे विवेचक निरीक्षक विनोद कुमार सिंह जांच कर रहे हैं। उन्होंने करीब 150 लोगों को नोटिस देकर बयान के लिए बुलाया। सट्टे से जुड़े लोगों का लिंक खंगाला है। इस दौरान एप्पल मोबाइल को खुलवाने के लिए कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ पुलिस की टेक्निकल टीम को भेजा गया। फोन नहीं खुलने पर कुछ दिनों पहले इसे दिल्ली सीबीआई को भेजा गया। वहां भी इसे खोला नहीं जा सका और फोन वापस आ गया। अब पुलिस ने फोन फिर लखनऊ भेजा है। पुलिस का मानना है कि फोन के खुलने से ही कुछ सुराग मिल सकता है। विवेचक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। सही खुलासा होगा।
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