फतेहपुर। खाड़ी देेशों में नौकरी के नाम पर फर्जी टूरिस्ट वीजा देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह के दो शातिरों को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के दो साथी फरार हैं। आरोपियों के पास से 75 पासपोर्ट मिले हैं। पासपोर्ट की जांच कराई जा रही है। पुलिस के मुताबिक गिरोह कई वर्षों से सक्रिय है। गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
सीओ सिटी केडी मिश्रा ने प्रेसवार्ता में बताया कि में बताया कि शुक्रवार को पुलिस ने मलवां थाना क्षेत्र के भदबा निवासी संजय कुमार को गिरफ्तार किया था। संजय पासपोर्ट जांच के नाम पर लोगों से एलआईयू अधिकारी बनकर ठगी करता था। उधर, आरोपी को पकड़े जाने की सूचना पर शनिवार को गाजीपुर थाना क्षेत्र के खेसहन गांव निवासी जसवंत का बेटा सूरज कोतवाली पहुंचा। उसने बताया कि 14 दिसंबर 2019 को वह पासपोर्ट का आवेदन करने शहर आया था। तभी उसकी मुलाकात संजय से हुई थी। संजय ने खुद को एलआईयू अधिकारी बताकर उसने अपने साथी अमित व राजेश से मिलवाया। उनके जरिए पासपोर्ट, नौकरी का वीजा बनवाने, स्वास्थ्य परीक्षण कराकर विदेश भेजने की बात कही। उससे पासपोर्ट जांच के लिए 45 सौ और वीजा के लिए 65 हजार रुपये मांगे। उसने एडवांस के तौर पर 39 हजार पांच सौ रुपये दिए। सीओ ने बताया कि रैकेट का पता चलने पर रविवार को पुलिस ने शहर कोतवाली क्षेत्र के मुचुवापुर निवासी अमित पटेल और मलवा थाना क्षेत्र के खरगसेनपुर गांव के राजेश कुमार को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि आरोपी अमित घर में ऑफिस बनाए है। यहां लोगों से संपर्क करता है। आफिस से 56 तैयार पासपोर्ट व साथी राजेश के पास से 19 पासपोर्ट बरामद हुए हैं। गैंग के सदस्य लाखों की ठगी कर चुके हैं। लोगों को खाड़ी देश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाते हैं। रुपये लेकर उसे दो तीन माह का टूरिस्ट वीजा देकर भेज देते हैं। विदेश जाकर लोगों को ठगी का पता चलता है। मामले में गिरोह के फरार जयकरन और दिनेश की तलाश की जा रही है।