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एलआईयू ने फर्जी एलआईयू अधिकारी को किया गिरफ्तार

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फतेहपुर। पासपोर्ट जांच के नाम पर रकम ऐंठने वाले फर्जी एलआईयू अधिकारी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ पीड़ित की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने गुरुवार को आरोपी को जेल भेजा।
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खागा कोतवाली क्षेत्र के मझटेनी गांव निवासी सुरेंद्र ने दस जनवरी को पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। थाने से जांच के बाद फोन पहुंचा। फोन करने वाले ने खुद को एलआईयू अधिकारी बताया। उसने कहा एलआईयू की जांच आई है। आधार कार्ड और चार हजार पांच सौ रुपये लेकर नउवाबाग मार्ग गोपाल नगर के पास एक बाइक एजेंसी के पास आओ। सुरेंद्र बुधवार को एलआईयू कार्यालय पहुंचा। कार्यवाहक एलआईयू प्रभारी अशनील कुमार सिंह
को पूरी जानकारी दी। उसके बाद फोन करने वाले से संपर्क किया। उसकी बताई जगह पर पहुंचा। फर्जी एलआईयू इंस्पेक्टर रकम लेने पहुंचा। एलआईयू प्रभारी टीम के अरविंद विश्वकर्मा, राहुल सिंह के साथ पहले से मौके पर
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पहुंचे थे। लेनदेन के समय ही फर्जी एलआईयू अधिकारी को पकड़ लिया गया। पुलिस की जांच में फर्जी एलआईयू अधिकारी मलवां थाने के भदबा गांव का निवासी संजय निकला। पीड़ित की ओर से कोतवाली में आरोपी संजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कोतवाल रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा गया है।
रहें सावधान, साइबर कैफे से डाटा होता लीक
पासपोर्ट आवेदन के बाद अक्सर लोगों के पास फर्जी एलआईयू अधिकारियों के फोन पहुंच जाते हैं और लोग उनका शिकार बनते हैं। जबकि एलआईयू गोपनीय स्तर पर जांच करती है। एलआईयू को वैरीफिकेशन के लिए आवेदक की जरूरत नहीं है। किसी को जांच के लिए एलआईयू कार्यालय भी नहीं बुलाया जाता है। इसके बाद भी फर्जी एलआईयू अधिकारी बनने वालों के पास आवेदक का सारा डाटा होता है। यह डाटा जिले में पासपोर्ट आवेदन कराने वाले कई साइबर कैफे संचालक सुरक्षित कर लेते हैं। उसके बाद रैकेट काम करता है। कुछ एलआईयू विभाग के अधिकारियों की भी मिलीभगत होती है। एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि जिले के सभी साइबर कैफों की जांच कराई जा रही है। उनकी सूची तैयार कराने के आदेश दिए गए हैं। उन पर निगरानी रखी जाएगी।
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