खागा (फतेहपुर)। कानपुर से प्रयागराज जा रही उधमपुर एक्सप्रेस (साप्ताहिक) में रुपये व जेवरात भरा बैग पार करने वालों तक दो माह बाद जीआरपी पहुंची है। खागा के दो युवकों को उठाया। उनकी निशानदेही पर सराफ कारोबारियों की धरपकड़ की गई है। दो खागा और एक शहर के सराफ से पुलिस पूछताछ कर रही है।
प्रयागराज निवासी अमरेंद्र उपाध्याय की पत्नी बिंदु, उधमपुर एक्सप्रेस के एसी कोच से बेटी व बेटे के साथ 28 नवंबर को राजस्थान से प्रयागराज जा रही थी। रात करीब साढे़ आठ बजे खागा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकी थी। तभी उनका बैग चोरी हो गया था। जीआरपी ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। बैग में तीन लाख रुपये और करीब साढ़े छह लाख रुपये के जेवर थे। आरोपी खागा स्टेशन से उतरकर भाग निकले थे। मामले में तत्कालीन चौकी
इंचार्ज खागा को निलंबित किया गया था। जीआरपी ने खागा के विजय नगर मोहल्ले से दो युवकों को उठाया। उनसे पूछताछ के बाद शुक्रवार को पुलिस ने खागा सराफा गली और नौबस्ता रोड से एक-एक कारोबारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसके बाद शहर के सराफा को पकड़ा है। जीआरपी चौकी खागा प्रभारी वीरेंद्र प्रताप
सिंह ने बताया कि सराफा को पूछताछ के लिए लाया गया है। बिंदू के पति अमरेंद्र राजस्थान में सरकारी नौकरी करते थे। वह सेवानिवृत्त होने के बाद 28 नवंबर को सामान लेकर सड़क मार्ग से लौट रहे थे। पत्नी जेवर, रुपये लेकर ट्रेन से लौट रही थी। तभी चोरों ने बैग चोरी कर लिया था और खागा उतर गए थे। जीआरपी एसओ अरविंद सरोज ने बताया कि मामले में पूछताछ की जा रही है। घटना का शनिवार को खुलासा किया जाएगा।