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ईजी-डे शॉप में वैधता समाप्त मिर्च के पाउडर मिले ==

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फतेहपुर। शहर में भी मिलावटी व एक्सपायरी डेट के उत्पाद बेचे जा रहे हैं। शुक्रवार को ऐसा ही मामला शहर के प्रतिष्ठित ईजी-डे शॉप में पकड़ा गया। यहां वैधता समाप्त होने के बावजूद मिर्च पाउडर के पैकेट बिक्री काउंटर पर रखे थे। डीएम संजीव सिंह के निर्देश पर शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के आईटीआई रोड, राधा नगर और असोथर कस्बा में छापा मारा। अलग-अलग कुल सात नमूने जांच के लिए भेजे गए। साथ ही दूधियों को रोक कर दूध का भी नमूना भरा गया।
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आईटीआई रोड के ईजी-डे शॉप में खाद्य सुरक्षा एवं औषधीय प्रशासन टीम ने शुक्रवार को दोपहर में छापा मारा। यहां पर वैधता समाप्त हुए मिर्च पाउडर के पैकेट मिले। मिर्च के साथ सौंफ, नमकीन, टमैटो सॉस का नमूना भी शक की वजह से केमिकल जांच के लिए भेजा गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सीएल यादव ने कहा कि वैधता समाप्त होने वाली सामग्री एक अलग आलमारी में रखनी चाहिए। साथ ही स्लिप भी चिपकी होनी चाहिए। यहां
बिक्री काउंटर पर वैैधता समाप्त वाला मिर्च पाउडर मिला। इसके बाद राधा नगर चौराहे पर तीन दूधियों को रोका। उनके पीपा से दूध का नमूना लिया। असोथर कस्बा में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारा। यहां पर गुड्डू की दुकान से पान मसाला, राहुल किराना की दुकान से गोंद और विकास गुप्ता की दुकान से सरसों के तेल का नमूना लिया और उसे जांच के लिए भेजा। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने दुकानदारों को सफाई के निर्देश दिए। इस मौके पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी एके सिंह, रत्नाकर सिंह, रामबाबू आदि मौजूद रहे।
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मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सीएल यादव ने बताया कि इस महीने में बीस नमूने जांच के लिए गोरखपुर भेजे जा चुके हैं। इनमें ज्यादातर एक्सपायरी, केमिकल जांच, मिलावट के अंदेशा वाले नमूने होते हैं। रिपोर्ट आने में कम से कम एक से डेढ़ माह लग जाता है। दुकानदारों को वैधता समाप्त होने वाले सामान ऐसी जगह रखने चाहिए कि उपभोक्ता को न दिखे।
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जनरल फिजीशियन डॉ. केके पांडेय ने बताया कि मसाला की पैकिंग में केमिकल नहीं मिला है तो वैधता समाप्त होने पर उसमें कोई स्वाद नहीं रहेगा। पैकिंग में नमी आने के बाद शरीर को नुकसान पहुंचाएगा। पर, केमिकल युक्त सामग्री के एक्सपायर होने पर उसमें फंगस आ जाता है। इससे शरीर की स्किन को नुकसान होता है। खाने या प्रयोग करने वाले को एलर्जी हो सकती है।
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अधिवक्ता दिनेश कुमार पटेल का कहना है कि पैकिंग की हुई एक्स्पायरी सामग्री बिक्री करने वाले दुकानदार पर कार्रवाई का नियम है। इसके लिए पहले नोटिस भेजा जाता है। फिर उपभोक्ता फोरम में मुकदमा दर्ज होता है। इसमें जुर्माना होना तय होता है। जुर्माना न जमा करने पर छह महीना की सजा का भी प्रावधान है।
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आंकड़े-
एक माह में भेजे - 20 नमूने
रिपोर्ट आने में लगेगा- एक माह
जांच के लिए जुटाए - सात नमूने
छापा टीम में शामिल रहे- चार सदस्य
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