फतेहपुर। बेटे की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी पिता को शुक्रवार शाम पुलिस ने जेल भेजा है। आरोपी की निशानदेही पर खेत में छिपाकर रखा तमंचा और कारतूस बरामद की है। पोस्टमार्टम हाउस से शाम होने के बाद शव गांव पहुंचा। जिससे अंतिम संस्कार नहीं हो सका।
हुसैनगंज थाना क्षेत्र के जमरावां गांव के बलवीरपुरवा निवासी गुजरात पाल ने कहासुनी के मामूली विवाद में 25 साल के बेटे समरवीर पाल को गोली मार दी थी। घटना के समय गुजरात और उसका साथी बाबू चिकवा शराब के नशे में थे। गुजरात गुमटी से शराब कारोबार करता था। कई बार पकड़ा भी जा चुका था। पोस्टमार्टम में डाक्टरों की सलाह पर शव का एक्सरे कराया गया। उसके बाद पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बीस से 25 छर्रे मिले हैं। गोली के छर्रे 12 बोर की कारतूस के हैं। गोली बाएं ओर छाती पर लगी है। गोलियों के छर्रे फेफड़े में लगने से मौत हुई है। पुलिस ने हत्यारोपी से पूछताछ की। आरोपी पिता ने गोली मारना कबूल किया। उसने पुलिस को बताया कि बेटा उसकी बात का विरोध करता था। आवेश में आकर गोली चला दी। उसके बाद मकदूमपुर गांव में लाही की खेत में तमंचा छिपाकर भागा था। पुलिस आरोपी को लेकर मकदूमपुर गांव पहुंची। तमंचा और तीन कारतूस एक पॉलिथीन में भरी बरामद की। पोस्टमार्टम के बाद समरवीर का शव गांव पहुंचा। गांव में परिजनों का हाल बेहाल हो गया। मां कुसुमा ने बताया कि घटना में उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई है। एक ओर कलेजे का टुकड़ा जीवन भर के लिए छोड़कर चला गया। उधर, पति नशे में उठाए कदम से जेल चला गए हैं। वह किसके पक्ष में खड़े हो और किसके विरोध में सामने आए। थानेदार निशिकांत राय ने बताया कि आरोपी को जेल भेजा गया है। फरार बाबू चिकवा की तलाश की जा रही है।
इनसेट-
घटना के बाद बाबू से पुुरानी खुन्नस मिटाने की हुई कोशिश
फतेहपुर। बेटे को गोली मारकर मौत के घाट उतारने वाले पिता गुजरात पाल के साथ उसके सहयोगी के रूप में मौजूद रहे बाबू चिकवा पर भी एफआईआर दर्ज है। बाबू चिकवा पुलिस की पकड़ से दूर है। विवाद के दौरान बाबू ने गुजरात को गोली मारने के लिए उकसाया था। घटना के बाद इलाके के एक प्रभावशाली व्यक्ति के दिमाग में शरारत सूझी। उसने घटनाक्रम में बाबू के हाथ से चलने की बात कहकर सीन को बदलने की कोशिश की। हालांकि दूसरे बेटे रणवीर की ओर से पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। जिसमें स्पष्ट तौर रूप से पिता पर ही गोली चलाने की बात कही गई। दरअसल प्रभावशाली व्यक्ति की बाबू से पुरानी खुन्नस है। मौका मिलने सीधे गोली मारने के आरोप में बाबू को नामजद कराने की कोशिश की। हालांकि वह सफल नहीं हो सका। उसे यह मालूम है कि परिवार के एक सदस्य की मौत हुई है दूसरे सदस्य के जेल जाना है ऐसे में परिवार जेल जाने वाले के पक्ष में टूट सकता है।
इनसेट-
पुलिस सेल ने दी 315 बोर तमंचा बरामदगी की सूचना
पुलिस जनसंपर्क सूचना विभाग की ओर से हत्याकांड जैसे संगीन मामलों में भी गंभीरता नहीं दिखाई जाती है। हुसैनगंज हत्याकांड के मामले में विभाग की ओर से 315 बोर का तमंचा बरामद होने की सूचना मीडिया में प्रसारित की गई। जबकि स्थानीय पुलिस की तफ्तीश में 312 बोर का तमंचा बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी छर्रे बरामद हुए।
-------