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अपहरण नहीं बल्कि वाहन टकराने का था विवाद

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खागा। सभासद के बेटे के अपहरण के मामले में कोतवाली पुलिस ने जांच पूरी कर ली है। पुलिस के अनुसार घटना दो वाहनों के टकराने की थी। जिसे दूसरा रूप दे दिया गया। गाड़ी मालिक को बुलाकर पूछताछ की गई है।
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कस्बे के राजपूत नगर के रहने वाले सभासद रामप्रकाश ने थाने में तहरीर दी थी कि गुरुवार शाम उनका बेटा अंकुश(13) घर आ रहा था। रास्ते में स्कार्पियो सवारों ने उसे अगवा करने का प्रयास किया। शोर मचाने पर लोगों ने उसे दौड़ाया तो वह भाग निकले। गाड़ी सुजरही गांव के जंगल में रेलवे लाइन किनारे मिली थी। मामले में प्रभारी
निरीक्षक कोतवाली परशुराम ने बताया कि स्कार्पियो धरमंगदपुर गांव की रहने वाली सुनीता के नाम है। वह गुरुवार की शाम अपने बेटे और ड्राइवर जो सुजरही गांव का रहने वाला है। उसे लेकर दावत खाने जा रही थी। राजपूत नगर के पास स्कार्पियो और एक बाइक में टक्कर हो गई। हादसा होने पर वहां पर भीड़ जमा हो गई और
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यहीं पर अंकुश व अन्य मोहल्ले के लोग आ गए। लोगों ने स्कार्पियो ड्राइवर के साथ हाथापाई की तो वह अपनी जान बचाकर वाहन लेकर भाग निकला। यह देख लोगों ने उसे दौड़ा लिया। ड्राइवर सुजरही का था इसलिए वह सुजरही गांव पहुंचा और डर के कारण गाड़ी रेलवे लाइन किनारे छोड़कर वहां से भाग गया। कोतवाल ने बताया कि दोनों पक्षों से बात करने पर किसी प्रकार की दुश्मनी का होना भी नहीं मिला। ऐसे में अपहरण जैसा आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद निकला।
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