फतेहपुर। डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसमें छात्राओं को खाद्य पदार्थों में मिलावट पहचानने का तरीका सिखाया गया। दूध, सरसों के तेल व सिरका में मिलावट पाया गया।
कार्यशाला में दूध, सरसों का तेल व सिरका में मिलावटखोरों को पहचानने का तरीका विस्तृत तरीके से समझाया गया। शुभारंभ प्राचार्य डा. सरिता गुप्ता ने किया। संयोजक डॉ. रमेश बाबू ने कहा कि वर्तमान समय में बाजार में अधिक धन अर्जित करने एवं महंगाई को देखते हुए कुछ विक्रेता मिलावटी सामग्री बेच रहे हैं। उपभोक्ता को प्रत्येक समय सावधान रहने की जरूरत है। रसायन विभाग की छात्राओं से शहर की कई दूकान, घरों एवं बाजारों से
दूध, सरसों का तेल एवं सिरका के सैंपल इकट्ठा कराकर प्रयोगशाला में मिलावट का विश्लेषण किया गया। दूध के सैंपल में पानी, आरारोट, स्टार्च, कुछ सैंपल में फार्मलीन और क्षारीय अशुद्धियां पाई गईं। सरसों के तेल के कुछ नमूनों में मिनरल तेल की मिलावट पाई गई। सिरका के नमुनों में कृत्रिम रूप में तैयार एसिटिक एसिड की मिलावट पाई गई। कार्यक्रम में प्राचार्य ने सभी को खाद् पदार्थों में मिलावट से सावधान रहने की बात कही। इस मौैके पर अशोक कश्यप ने धन्यवाद ज्ञापित किया।