खागा। पश्चिमी हाईवे बाईपास से सटे गौरैया माता मंदिर के चबूतरे पर शुक्रवार की सुबह जेवर कारीगर का शव बरामद हुआ। सैकड़ों लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। पत्नी ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने मंदिर के पुजारी सहित चार लोगों को पूछताछ के लिए पकड़ा है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने से विसरा रखा गया है।
खागा कस्बे के मानू का पुरवा निवासी रामआसरे के बेटे जयचंद्र सोनी(32) जेवर कारीगर थे। परिवार मूलरूप से हथगाम ब्लाक के सेमरहा गांव का है। जयचंद्र पत्नी क्रांति, डेढ़ साल के बेटे कृष्णा, माता-पिता और निशक्त छोटे भाई श्रीलाल के साथ मानू का पुरवा में रह रहा था। यह बाइक से फेरी लगाकर जेवर बनाने का आर्डर लेते थे। गौरैया माता के मंदिर के बाबा का भक्त था। प्रतिदिन की तरह शुक्रवार रात को भी जयचंद्र मंदिर में पुजारी उमाकांत मिश्र को खाना देने बाइक से गए थे। यह उनकी सेवा भी करते थे। बाबा खागा के टेसाही गांव के रहने वाले हैं।
मंदिर में जयचंद्र पुजारी के पास रुक भी जाते थे। वह शुक्रवार रात घर नहीं लौटे, परिवार ने सोचा देर हो जाने से वहीं सो गए होंगे। सुबह घूमने निकले लोगों ने मंदिर के चबूतरे पर जयचंद्र का शव देखकर पुलिस को खबर दी। पहले उसकी पहचान नहीं हो सकी। पुलिस के पहुंचने पर चर्चा फैल गई। परिवार के लोग पहुंचे। परिजनों ने पुजारी
पर हत्या करने या फिर कराने का आरोप लगाया। उधर, बाबा ने बताया जयचंद्र उनका भक्त था। उसे रात को घर जाने को कहा था लेकिन वह मंदिर परिसर में सो गया था। उनकी रात के एक बजे नींद खुली तो जयचंद्र को मृत पाया। वह मोबाइल में काल उठाने के अलावा मिलाना नहीं जानते हैं। इसी वजह से रात को पुलिस को सूचना नहीं
दे सके। उसके गले में हल्की चोट का निशान होने का दावा किया। सीओ अंशुमान मिश्र और कोतवाल पहुंचे। फोरेंसिक टीम मौके पर जांच करने पहुंची। टीम ने आसपास के फिंगर प्रिंट लिए। कोतवाल परशुराम ने बताया कि पिता की ओर से शव मिलने की सूचना दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद तहरीर देने की बात कही गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विसरा सुरिक्षत किया गया है।
पुलिस ने पूछताछ में पाया कि जयचंद्र ने दो साथियों के साथ मंदिर से कुछ दूर बैठ कर शराब पी थी। एक युवक शराब पीने के बाद वहां से उठकर चला गया। जबकि दूसरा युवक काफी देर तक जयचंद्र के साथ बैठा रहा। स्थानीय लोगों ने बताया कि मंदिर के आसपास शाम होते ही शराब व गांजा पीने वालों का जमावड़ा लगता है।
पुजारी उमाकांत ने पुलिस को बताया कि देर रात जब वह उठे तो जयचंद्र मंदिर के चबूतरे पर लेटा हुआ था। वह पास गए और उसे आवाज दी लेकिन वह कुछ नहीं बोला। उन्होंने उसे छुआ तो वह ठंडा पड़ा था। उन्होंने सोचा कि अधिक शराब सेवन के चलते बेहोश हो गया होगा। ठंड लगने से उसकी जान चली गई है। शरीर पर चादर डालकर चला गया था। जयचंद्र की बाइक मंदिर चबूतरे के पास खड़ी मिली।
परिजनों ने बताया कि जयचंद्र कई साल से पुजारी उमाकांत की सेवा करता था। वह खुद नशे का लती था लेकिन सेवा में कोई कसर नहीं रखता था। पुजारी के लिए एक लीटर दूध के साथ ही सुबह-शाम खाने का प्रबंध करता था। इसके साथ ही दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाली चीजों का इंतजाम भी वह खुद करता था। इसके एवज में वह रात को कभी-कभी रुक भी जाता था। आबादी से दूर बने इस मंदिर के आस-पास में बगैर किसी रोक-टोक के नशा कर लेता था। उसने कई साथी भी बना रखे थे।