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बेखौफ खदान मालिक के खिलाफ तीसरी एफआईआर

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बहुआ। ललौली थानाक्षेत्र के अढ़ावल-11 मौरंग खदान में अवैध खनन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जबकि खदान मालिक के खिलाफ दो बार एफआईआर हो चुकी है। यमुना की जलधारा में कैंची बनाकर खनन करने के मामले में ललौली थाने में मंगलवार की रात को तीसरी एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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यमुना नदी के अढ़ावल-11 मौरंग खदान की पट्टाधारक रत्ना जादौन पत्नी वीरेंद्र जादौन निवासी एरेरा कालोनी, भोपाल मध्य प्रदेश हैं। खनिज अधिकारी केबी सिंह ने ललौली थाने में मंगलवार की रात उनके खिलाफ अवैध खनन की एफआईआर दर्ज कराई।
एफआईआर में खनिज अधिकारी ने बताया कि खदान में जलधारा में कैंची बनाकर बड़ी बूम की पोकलैंड मशीनों के जरिए खनन होता पाया गया। इसके साथ ही करीब 35 फीट गहराई तक खनन किया जा रहा था। पानी आने के बाद भी खनन कार्य जारी रहा। खदान मालिक की ऊपर खनिज विभाग द्वारा यह तीसरी एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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कब-कब दर्ज हुआ मुकदमा
खदान मालिक के ऊपर पहली एफआईआर दिसंबर 2020 में नदी की जलधारा बांधने के प्रयास में कराई गई थी। दूसरी एफआईआर एक जून को ओटीपी बंद होने के बाद भी खनन जारी रखने पर कराई गई थी। तीसरी एफआईआर 15 जून की रात को कराई गई है।
मौरंग खंड में बन गए तालाब
अवैध खनन से खंड में बड़े-बड़े तालाब बन गए हैं। जिनकी गहराई 40-50 फीट है। जबकि नियमानुसार नौ फीट से अधिक गहराई में खनन नहीं किया जा सकता है या फिर भूखंड में पानी आने पर खनन कार्य बंद करना पड़ता है।
एक-एक पोकलैंड मशीन सीज
एडीएम, एसडीएम खागा व जिला खान अधिकारी की टीम बुधवार की दोपहर खागा तहसील के मौरंग खदान रानीपुर खंड-दो में पहुंची। यह खंड मंगलवार को ही शुरू हुआ था। गोलीकांड के बाद यहां पर खनन बंद हो चुका था। बुधवार को जब टीम पहुंची तो एक पोकलैंड मशीन पानी में खनन करती मिली।
जिसे टीम ने सीज कर दिया। इसके बाद टीम सलेमपुर खदान पहुंची। यहां पर धर्मकांटे के पास खड़ी एक पोकलैंड मशीन को सीज किया गया। यहां पर खदान कर्मचारियों व टीम से बहस होने की चर्चा रही। जिला खनन अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि दोनों खदान पर एक-एक मशीन सीज की गई है। (संवाद)
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