जहानाबाद। छेड़खानी के आरोपियों की धमकी से परेशान छात्रा ने गुरुवार को फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद परिजनों ने हंगामा किया। मौके पर बिंदकी सीओ और फोरेंसिक टीम पहुंची। जांच के बाद पुलिस ने दो किशोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
जहानाबाद के एक गांव में 17 सितंबर की रात कक्षा 12 की छात्रा चचेरी बहन और एक युवती के साथ जागरण देखने गई थी। छात्रा जब चचेरी बहन के साथ लघुशंका को गई, तभी गांव के दो किशोरों ने छात्रा के साथ छेड़खानी की थी। शोर मचाने पर आरोपी भाग निकले थे। छात्रा ने परिजनों को मामले की जानकारी दी। परिजनों ने आरोपियों के घर शिकायत की थी। इससे नाराज आरोपी पक्ष के लोग 18 सितंबर को किशोरी के घर पहुंचे और मारपीट की।
छात्रा की मां का आरोप है कि 18 सितंबर को थाने में रिपोर्ट लिखाने गए थे। पुलिस ने उन्हें पूरे दिन बैठाए रखा। उसके बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसकी शिकायत महिला आयोग और अनुसूचित जाति आयोग लखनऊ को पत्र भेजकर की थी।
छेड़छाड़ की घटना के बाद कोई कार्रवाई न होने से बेटी आहत थी। आरोपी पक्ष के लोग धमकी भी दे रहे थे, तभी उसने गुरुवार सुबह कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सीओ योगेंद्र मलिक और फोरेंसिक टीम ने मौके पर जांच की। फोरेंसिक टीम ने आत्महत्या वाले कमरे की जांच की है। सीओ ने बताया दोनों आरोपियों खिलाफ छेड़खानी, धमकी, आत्महत्या के लिए प्रेरित करने और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस पर पहले एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप
छेड़खानी से परेशान होकर आत्महत्या करने वाली छात्रा के मामले में परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उधर, पुलिस प्रारंभिक जांच में छात्रा की आत्महत्या घरेलू विवाद में मान रही है। परिजनों ने आरोप लगाया कि छेड़खानी की शिकायत पहले आरोपियों के परिजनों से की गई थी। इसी खुन्नस में आरोपियों ने उनके घर पर हमला किया था। जिसकी शिकायत लेकर छात्रा का चचेरा भाई थाने गया था।
पुलिस ने उल्टे छात्रा के भाई का ही शांति भंग में चालान कर दिया था। पुलिस ने उनकी सुनवाई नहीं की और थाने में पूरा दिन बैठाए रखने के बाद जाने दिया था। भाई का शांतिभंग में चालान किया। उधर, प्रभारी निरीक्षक राकेश पांडेय ने बताया विवाद गणेश महोत्सव की रात हुआ था। उस मामले में दोनों पक्षों का चालान किया था। प्रारंभिक जांच में छात्रा का सुबह घरेलू विवाद हुआ था। तभी छात्रा ने आत्महत्या की है।