थरियांव। केमिकल से नकली शराब बनाने वाले गैंग के सक्रिय सदस्य को शनिवार भोर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस को चकमा देकर गैंग लीड समेत दो आरोपी भाग निकले। आरोपी की कार से 300 लीटर शराब बनाने का केमिकल, क्यूआर कोड, स्टीकर और ढक्कन बरामद हुए हैं। पुलिस टीमें फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है। पुलिस का मानना है कि पंचायत चुनाव को लेकर शराब बनाने की तैयारी की जा रही थी। केमिकल से करीब 10 लाख रुपये कीमत की शराब तैयार होती।
थरियांव पुलिस ने आमापुर-हथगाम मार्ग पर सलेमपुर चौराहे के पास एक लग्जरी कार रुकवाई। गेट खोलकर कार से दो आरोपी भाग निकले। पुलिस ने कार चालक जगन्नाथ लोधी निवासी रजाबाद थरियांव को पकड़ा। चेकिंग में कार से 300 लीटर केमिकल (ओवरप्रूफ/ओपी) बरामद हुआ। केमिकल 50-50 लीटर के छह गैलन में भरा था। एक हजार देशी शराब शीशी के ढक्कन, पांच हजार नकली क्यूआर कोड बरामद हुए। थाने में आरोपी जगन्नाथ ने पुलिस को बताया कि वह मिलावटी शराब का करीब दो साल पहले कारोबार कर रहा है। गैंग लीडर मतोले सिंह निवासी गोपाल नगर से 50 हजार रुपये का केमिकल खरीदकर डिहवा गांव स्थित घर जा रहा था। नलकूप में शराब बनाने और पैकिंग का काम करता था। उसके साथ कार में मतोले सिंह और राजू लोधी निवासी धनीपुर हथगाम थे। तैयार शराब देशी शराब के ठेकों में बेची जाती है।
आबकारी निरीक्षक संदीप त्रिपाठी ने बताया कि केमिकल की तीव्रता करीब 80 से 90 डिग्री है। मिलावटी शराब में तीव्रता की गड़बड़ी हुई तो शराब जहरीली साबित हो सकती है। प्रभारी निरीक्षक नंदलाल सिंह ने बताया कि एसआई उपदेश कुमार की ओर से आबकारी अधिनियम और फ्राड की धाराओं में जगन्नाथ लोधी, मतोले और राजू के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। केमिकल का नमूना लखनऊ प्रयोगशाला भेजा गया है। जगन्नाथ नकली शराब की पेटी 1500 रुपये में बेचता था, जबकि ठेके वाली शराब की पेटी 4500 रुपये के करीब है। एक लीटर केमिकल से 10 लीटर शराब तैयार होती है।
नकली शराब कारोबार से जिले में कई गैंग मालामाल हुए है। आरोपी जगन्नाथ पंचायत चुनाव में भी किस्मत अजमाने की तैयारी में था। उसका मूल गांव रजाबाद है। जहां छप्पर से ढका घर बना है। दो साल पहले जगन्नाथ ने डिहवा गांव में आलीशान कोठी बनवाई है। वह एक लग्जरी कार भी दिल्ली से खरीदकर लाया था। उसका गांव में रुतबा भी अवैध कमाई से बढ़ा है। गैंग लीटर मतोले सिंह पर कई जिलों में मुकदमें हैं। वह कई बार नकली शराब में पकड़ा जा चुका है। मतोले जिले के चर्चित मीरमऊ गांव के शराब माफिया भाइयों के गैंग और रमवां के शराब माफिया भाइयों के नेटवर्क में था। लेकिन इन दिनों शहर कोतवाली के लोधीगंज के एक गैंग के साथ नेटवर्क आपरेट कर रहा था। पुलिस पूरे नेटवर्क की छानबीन में जुटी है।