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तनाव के चलते पुलिस हिरासत में युवक की हुई थी मौत

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फतेहपुर। पुलिस हिरासत में अनुसूचित जाति के युवक की मौत दिमागी तनाव की वजह से होना पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है। रिपोर्ट में मस्तिष्क में रक्त प्रवाह रुकने से मौत की पुष्टि हुई है। शरीर पर चोट के निशान की पुष्टि नहीं हुई है। मृतक के भाई ने पुलिस पर आनन-फानन दबाव बनाकर शव का अंतिम संस्कार कराने का आरोप लगाया है।
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धोखाधड़ी के मामले में हिरासत में लिए गए सत्येंद्र कोरी (28) राधानगर थाने के शौचालय में मृत मिले थे। वे मूल रूप से ललौली थाने के कीर्तिखेड़ा गांव के रहने वाले थे। शहर के जयरामनगर में किराये पर रहकर मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) थे। पुलिस हिरासत में मौत के मामले थाने के अस्थायी थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह, चौकी प्रभारी विकास सिंह, देवेंद्र सिंह को निलंबित किया था। तीन दिन से युवक को थाने में बैठाने का आरोप लगा है।
काफी हंगामे के बाद रविवार शाम को पोस्टमार्टम हुआ। रात होने की वजह से अंतिम संस्कार नहीं किया गया। नहर कालोनी में शव रखा गया था। एसपी राजेश कुमार सिंह, एएसपी अनिरुद्ध कुमार, नायब तहसीलदार विकास पांडेय, सीओ सिटी वीर सिंह, कोतवाल अमित मिश्रा पुलिस बल सुबह पहुंचा।
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सत्येंद्र के भाई धीरेंद्र ने बताया कि उन लोगों ने पुलिस से कहा कि उनके कुछ रिश्तेदार आ रहे हैं। उनके आने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस ने अंतिम संस्कार के लिए दबाव बनाया। घर से सुबह आठ बजे ही शव लेकर जाना पड़ा। पुलिस से पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मांग की गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अभी तक मुहैया नहीं कराई है।
एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सेरेब्रल वैस्कुलर एक्सिडेंट (सीवीए) मस्तिष्क में रक्त प्रवाह रुकने से मौत होने की पुष्टि हुई है। शरीर पर चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। विवेचना की जा रही है। जांच के अनुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इधर, डीएम श्रुति ने अपर उपजिलाधिकारी नंदप्रकाश मौर्य को पुलिस राधानगर थाने में हुई युवक की मौत के प्रकरण की सत्यता जानने के लिए मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। उन्हें 15 दिनों में जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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