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गो हत्यारे सनातन विरोधी, इनका करें तिरस्कार : अविमुक्तेश्वरानंद

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फोटो-19-बिंदकी में लोगो को संबोधित करते शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद। संवाद
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बिंदकी (फतेहपुर)। 81 दिवसीय गो रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा बृहस्पतिवार को कस्बे पहुंची। यात्रा के नेतृत्व कर रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का मां ज्वाला देवी मंदिर में स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि गो हत्यारे सनातन विरोधी हैं और ऐसे लोगों का तिरस्कार करने की जरूरत है।
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कस्बे के मोहल्ला पुरानी बिंदकी स्थित मंदिर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दर्शन-पूजन कर देश और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का स्थान प्राप्त है इसलिए सरकार को गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार गो-हत्या रोकने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक जागरूकता का अभियान भी है। इसका उद्देश्य गोवंश संरक्षण, सनातन संस्कृति के प्रति लोगों को जागरूक करना और समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करना है। इससे पहले उन्होंने तांबेश्वर मंदिर के बाहर से दर्शन किए।
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उधर, चौडगरा, रेवाड़ी, मुरादीपुर और पहुर तिराहा पर लोगों ने स्वागत कर आरती उतारी। इस मौके पर शिवाकांत तिवारी, वीरेंद्र सिंह, आकाश शुक्ला, महेंद्र बहादुर सिंह उर्फ बच्चा सिंह, हेमलता पटेल, जगत तिवारी, शिवकरण सिंह आदि शामिल रहे।



तांबेश्वर मंदिर के अंदर नहीं गए
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि तांबेश्वर मंदिर परिसर में कई ऐसे देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं जो शास्त्रों में वर्णित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह उन्हीं देवताओं की पूजा करते हैं जिनका उल्लेख शास्त्रों में है इसलिए वह तांबेश्वर मंदिर के अंदर नहीं गए।

फोटो-19-बिंदकी में लोगो को संबोधित करते शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद। संवाद

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