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ीट-पीटकर मार डालने में दो सगे भाइयों समेत तीन को सजा

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फतेहपुर। अपने ही गांव के किसान की पीट कर हत्या कर देने के मामले में दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो की अदालत ने सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। घटना दस साल पहले होली के दिन हुई थी। किसान ने अपनी बेटी को जबरन रंग लगाने का केवल विरोध किया था। शुक्रवार को अदालत से फैसला आने के बाद सभी मुल्जिमों को जेल भेज दिया गया।
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मामला कल्यानपुर थानाक्षेत्र के गुगौली गांव के अनुसूचित जाति मजरे का है। अधिवक्ता के मुताबिक 11 मार्च 2009 को होली के दिन शाम छह बजे सियाराम की 24 वर्षीय पुत्री नीलम अपनी भैंस को नहला रही थी। तभी वहां गांव के ही रामऔतार, रज्जू, रामकिशन पुत्रगण सुखलाल और रामऔतार के साले का बेटा राजकुमार निवासी
बिंदकी पहुंच गए। तीनों ने उसे जबरन रंग लगा दिया। बेटी ने घर जाकर यह बात पिता सियाराम को बताई तो पिता उलाहना लेकर तीनों सगे भाइयों के घर पहुंचा। यहां तीनों भाइयों और राजकुमार ने मिलकर सियाराम को बेरहमी से पीटा। बीच-बचाव के लिए नीलम की मां रामदुलारी भी वहां पहुंच गईं। जिस पर इन्हें भी पीटा गया। सियाराम के
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मारपीट में ज्यादा चोटें आ जाने के कारण परिजन उसे उपचार के लिए लखनऊ ले जा रहे थे, तभी उनकी रास्ते में ही मौत हो गई। इसके बाद से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। दौरान मुकदमा चार आरोपियो में से एक रज्जू की मृत्यु हो गई। जिससे इस प्रकरण के रामकिशन, रामऔतार और राजकुमार तीन मुल्जिम ही बचे थे। शनिवार को
सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रमिल कुमार श्रीवास्तव की दलीलों और उनकी तरफ से पेश किए गए साक्ष्यों एवं गवाहों को मद्देनजर रखते हुए अपर जिला जज राकेशधर दुबे ने तीनों अभियुक्तों को सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास और 13-13 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुना दी। अर्थदंड का भुगतान न करने पर तीनों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अदालत का फैसला आने के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया। हालांकि इससे पहले तीनों जमानत पर बाहर थे।
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