फतेहपुर। कोरोना वायरस की दूसरी खतरनाक लहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अहम फैसला किया है। अब लक्षण वाले अनुमानित केसों का यदि रैपिड एंटीजन या फिर आरटी पीसीआर की रिपोर्ट निगेटिव आती है तो भी इनका चेस्ट एक्सरे और खून की संपूर्ण जांच कराई जाएगी। टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर इलाज किया जाएगा।
कोरोना संक्रमण जिस तरह से प्रभाव छोड़ रहा है, उससे निपटने के लिए प्रभावी कदम लगातार उठाए जा रहे हैं। अभी तक रैपिड एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट को सटीक दर्जा ना देकर केवल आरटी पीसीआर टेस्ट की पॉजिटिव रिपोर्ट को ही कोरोना संक्रमित होने का आधार मानकर चला जा रहा था।
यह वायरस जिस तरह से रंग बदल रहा है, उससे जांच की प्रक्रिया का विस्तार जरूरी हो गया है। यही वजह है कि अब एंटीजन के अलावा आरटी पीसीआर की रिपोर्ट भी यदि किसी की नेगेटिव आती है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह कोरोना संक्रमित नहीं हो सकता।
यह दोनों जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद यदि कोरोना के लक्षण हैं तो ऐसे व्यक्ति को कोविड-19 का अनुमानित केस मानते हुए स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जाएंगी। ऐसे नॉन कोविड व्यक्ति की खून की जांच और चेस्ट का एक्स-रे कराया जाएगा। यदि इस जांच में टेस्ट का लेवल बढ़ा हुआ निकलता है तो ऐसे अनुमानित केस को कोविड-19 गाइडलाइन के तहत उपचारित किया जाएगा।