फतेहपुर। पच्चीस स्कूलों के निर्माण के लिए 417.74 लाख बजट की व्यवस्था के बावजूद भवनों का निर्माण दो साल में पूरा नहीं हो पाया। इन स्कूलों के 2433 बच्चों को मानक से अधिक दूर दूसरे स्कूलों में पढ़ना पड़ रहा है। स्कूल अधिक दूर होने से बहुत छोटे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। ये सभी स्कूल हथगाम व एरायां ब्लाक के हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग ने वर्ष 2020 में 25 कंडम स्कूल ध्वस्त करा दिए थे। इनमें 22 प्राथमिक और तीन उच्च प्राथमिक स्कूल शामिल हैं। इनके पुनरनिर्माण के लिए प्रति प्राथमिक और प्राइमरी स्कूल 15 लाख 14 हजार और प्रति उच्च प्राथमिक स्कूल भवन निर्माण के लिए 28 करोड़ 22 लाख की धनराशि बेसिक शिक्षा विभाग को मिली थी। स्कूल भवनों के निर्माण के लिए तत्कालीन डीएम ने लोकनिर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था बनाया था। मार्च 2022 में स्कूलों के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था को बजट भी आवंटित हुआ, लेकिन कार्यदायी संस्था ने पूरे एक साल बजट अपने पास डंप रखा। मार्च 2023 में तत्कीलन डीएम ने कार्यदायी संस्था बदलकर आरईएस को कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद निर्माण शुरू हुआ।
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मार्च तक चालू हो सकते 11 स्कूल, शेष एक साल बाद
अभी तक 11 स्कूलों का 80 फीसदी निर्माण पूरा हो चुका है। इनमें नए सत्र से पढ़ाई शुरू हो सकती है। नौ भवनों का निर्माण 50 प्रतिशत और पांच स्कूल भवनों का निर्माण अभी तक सिर्फ 20 फीसदी ही पूरा हुआ है। ऐसे में साफ है कि 11 स्कूल भवन ही मार्च 2024 में बेसिक शिक्षा विभाग को हस्तांतरित हो सकते हैं।
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एक कमरे में चल रही सभी कक्षाएं
कंडम स्कूल ढहाए जाने के बाद यहां के बच्चों को अन्य स्कूलों के अतिरिक्त कक्षा में दो साल से अधिक समय से पढ़ाया जा रहा है। एक कक्ष में तीन या पांच कक्षाएं संचालित होने से बच्चों की पढ़ाई में व्यवधान पैदा हो रहा है।
...बयान:-
अब तक 11 स्कूल भवनों का 80 फीसदी निर्माण पूरा हो चुका है। नौ भवनों का निर्माण अभी तक 50 फीसदी पूरा हुआ है। पांच भवनों का निर्माण अभी तक फाउंडेशन स्तर तक ही हो पाया है।
-एमएल वर्मा, डीसी निर्माण