फतेहपुर। जिलेभर में ठंड में भी बिजली कटौती की समस्या बनी है। तार टूटने और ट्रांसफार्मर जलना आमबात है। जबकि ठंड से पहले अनुक्षरण माह मनाया गया। इसमें महज सात प्रतिशत ट्रांसफार्मरों की ही मरम्मत की गई। वहीं फरवरी माह में दोबारा बिजली उपकरण मरम्मत का माह शुरू होने जा रहा है, ऐसे में कटौती के संकट से लोग फिर जूझेंगे।
ऊर्जा निगम ने अक्तूबर 2023 में बिजली उपकरण मरम्मत के लिए अनुरक्षण माह चलाया। इसमें जिले भर के 33 और 11 केवी फीडर, सभी सब-स्टेशनों के उपकरण और ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत की योजना बनाई थी। माह के दौरान 51 हजार में सिर्फ 3 हजार 830 ट्रांसफॉर्मर में तेल की कमी पूरी करके मरम्मत की गई।
वहीं विभाग ने 33केवी के 43 में 39 फीडरों की मरम्मत की। साथ ही 11 केवीए के 278 में सिर्फ 146 का सुधार कार्य तय माह में किया गया। इस बीच जिलेभर 54 सब-स्टेशनों का पूर्ण निरीक्षण करके कुछ खराब उपकरण जरूर बदले गए। लेकिन इससे बिजली कटौती और उपकरणों के खराब होने की समस्या में अंकुश नहीं लगा। सर्दी में भी कटौती का सिलसिला जारी है। अब ऊर्जा निगम फरवरी में फिर से अनुरक्षण माह चला कर सभी फीडर, सब-स्टेशन और ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत करने जा रहा है। इस बीच बिजली कटौती से लोगों को दो चार होना पड़ेगा। इसके बाद भी बिजली सुचारू मिलेगी, इसकी गारंटी नहीं है।
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मांग के हिसाब से नहीं मिलती सामाग्री
अनुरक्षण माह में मरम्मत कार्य के लिए मुख्यालय से पर्याप्त सामग्री नहीं मिलती है। इस वजह से हर बार लगभग 50 प्रतिशत फीडर और 90 फीसदी ट्रांसफार्मर की मरम्मत का कार्य नहीं होता है। इससे आए दिन ट्रांसफॉर्मरों के फुंकने और उपकरणों के खराब होने की समस्या बनी रहती है।
-कोट-
फरवरी में अनुरक्षण माह चला कर सभी सब-स्टेशन, फीडर और ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत की जाएगी। इस बार मुख्यालय से पर्याप्त सामाग्री की मांग की गई है। सामाग्री मिलने के बाद मरम्मत शुरू होगी। - प्रमोद अग्निहोत्री, अधीक्षण अभियंता, ऊर्जा निगम। फतेहपुर।