आश्रय योजना के निर्माणाधीन आवास।
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शहर के 192 छत विहीन गरीबों को 2017 में मुफ्त पक्के मकान मिलेंगे। इसके लिए आश्रय योजना के तहत नौ करोड़ 16 लाख की लागत से हाईवे पर आरटीओ आफिस के समीप आवासों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। 19 ब्लाकों वाली इस इमारत में सात ब्लाकों का निर्माण जून में पूरा करने का लक्ष्य है, जबकि शेष ब्लाकों का निर्माण दिसंबर 2016 में पूरा कर कार्यदायी संस्था डूडा को हस्तांतरित करेगी।
जिला नगरीय विकास अभिकरण की देखरेख में शहर से बाहर हाईवे पर आरटीओ दफ्तर के समीप आश्रय योजना के तहत 19 ब्लाकों में 192 आवासों का निर्माण शुरू है। एक ब्लाक में 12 आवास होंगे। प्रत्येक आवास में एक कक्ष, बरामदा, शौचालय बाथरूम व किचन होगा। 25 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले यह आवास शहर के छत विहीन गरीबों को आवंटित किए जाने हैं।
पहले चरण में सात ब्लाकों का निर्माण चल रहा है, जिसका निर्माण जून माह के अंत तक पूरा करना है। इसके बाद शेष 12 ब्लाकों का निर्माण पूरा कर दिसंबर 2016 में हस्तांतरित करने का प्रावधान है। कार्यदायी संस्था सीएनडीएस काफी तेजी के साथ निर्माण में जुटी है।
डूडा के परियोजना अधिकारी एसडी राय ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप शहर में कोई भी व्यक्ति छत विहीन नहीं रहेगा। इसे तहत आश्रय योजना के तहत नौ करोड़ 16 लाख की लागत वाले 192 आवासों का निर्माण चल रहा है। इन सभी आवासों का निर्माण हर हालत में चालू वर्ष के अंत तक पूरा किया जाना है।
नए साल के पहले महीने में आवासों का आवंटन कर दिया जाएगा। आवासों का निर्माण शुरू होने से पहले डूडा ने आवेदन लेकर सत्यापन का काम पूरा करा लिया है। सत्यापन में कुल 218 आवेदक पात्र पाए गए हैं। ऐसी हालत में लाटरी सिस्टम से आवासों का आवंटन किया जाएगा।