फतेहपुर। दो धर्मों का लाभ लेने का जिला पंचायत अध्यक्ष पर आरोप लगाने वाले शिकायतकर्ता ठेकेदार पर दर्ज हुई एफआईआर सवालों के घेरे में नजर आ रही है। पुलिस ठेकेदार का 25 मार्च की दोपहर एक बजकर 20 मिनट में शांतिभंग में चालान करती है। इसके बाद संगीन धाराओं के मामले दर्ज करती है। जबकि भाजपा नेता अभय प्रताप सिंह के मुताबिक वह 25 मार्च सुबह शिकायती पत्र दे चुके थे। वहीं खागा कल्लनपुर के राममनोहर की ओर से दर्ज कराई गई दूसरी एफआईआर में घटना 20 मार्च की बताई गई।
भाजपा नेता अभय प्रताप सिंह की ओर से आवास विकास निवासी ठेकेदार संजय सिंह सेंगर के खिलाफ अमर्यादित पोस्ट डालकर धमकाने व 10 लाख की रंगदारी मांगने का पुलिस ने मामला दर्ज किया है। दूसरी एफआईआर खागा कल्लनपुर के राममनोहर की ओर से एससी-एसटी, लूट व प्रांत प्रचारक पर अमर्यादित टिप्पणी का दर्ज की गई है। पुलिस ने दोनों मामले 25 मार्च को दूसरे पहर दर्ज किए। इधर, ठेकेदार को पुलिस ने 25 मार्च की सुबह ही कोतवाली बुलाया और एक बजकर 20 मिनट पर जिला अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद शांतिभंग में चालान कर दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ घटना 24 मार्च की शाम दर्शाई गई है। रिपोर्ट 24 घंटे बाद हुई। पुलिस इतनी लापरवाह हो गई कि सुबह गंभीर अपराध होने की शिकायती पत्र देने के बाद शांतिभंग में चालान कर दिया। दूसरी शिकायत में राममनोहर ने घटना 20 मार्च की बताई है। अजीब इत्तेफाक रहा कि राममनोहर ने भी शिकायत 25 मार्च को ही दर्ज कराई। मामलों में आरोपी ठेकेदार संजय सिंह ने बताया कि उनके खिलाफ जो भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई हैं वे बेबुनियाद हैं। घटनाक्रम के समय का उनके पास सीसीटीवी फुटेज हैं। पुलिस चालान के बाद उन्हें बार-बार कोतवाली बुला रही है।
कोतवाल तारकेश्वर राय ने बताया कि जिपं अध्यक्ष व उनके परिवार के खिलाफ संजय सिंह ने गलत तरीके से फेसबुक पर पोस्ट की थी। इसके अलावा आक्रामक रवैया अपनाते हैं। इन शिकायतों को देखते हुए शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। दर्ज मामलों की विवेचना की जा रही है। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज फिलहाल नहीं देखे गए हैं। विवेचना में साक्ष्य संकलन किया जाएगा।
प्रांत प्रचारक की छवि धूमिल का आरोप
ठेकेदार संजय सिंह ने बताया वह प्रांत प्रचारक से मिलने पहुंचे हैं। उनके सामने जिला पंचायत अध्यक्ष का पूरा मामला रखा जाएगा। उनके खिलाफ राममनोहर की ओर से दर्ज एफआईआर में प्रांत प्रचारक पर गलत टिप्पणी का आरोप लगा है। जबकि कोई ऐसी टिप्पणी नहीं की है। इस संबंध में फेसबुक पर पोस्ट की है। पोस्ट में 2022 की गलती के लिए माफी मांगना लिखा है। इस तरह प्रांत प्रचारक को निजी मामलों में घसीटकर उनकी छवि भी धूमिल की गई है। अध्यक्ष के साथ दो सरकारी गनर, निजी आठ से 10 गनर व वाहनों का काफिला रहता है। इन हालातों में कैसे कोई उनसे रंगदारी मांग सकता है।