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Fatehpur News: खांदी कटान से खराब धान का नहीं मिला मुआवजा

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हुसैनगंज। ढाई महीने बाद भी 151 किसानों को 125 बीघा धान की फसल के नुकसान का मुआवजा नहीं मिला। मुआवजा न मिलने से किसानों में आक्रोश है। नहर में खांदी कटने से धान की फसल में पानी भर गया था। फसल नष्ट हो गई थी।
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भिटौरा ब्लाक के उन्नौर उर्फ सहिमापुर के मजरा डोलेपुर के पास 30 जुलाई की रात को रामगंगा नहर में खांदी कट गई थी। नहर विभाग ने दूसरे दिन खांदी बंद कराई गई थी, लेकिन उसके कुछ घंटे बाद ही रात में उसी स्थान पर दोबारा खांदी कट गई थी। नहर का सायफन जाम होने से समस्या और गंभीर हो गई थी। खांदी से किसानों की सैकड़ो बीघे धान की फसल नहर के पानी में डूबकर नष्ट हो गई थी। डोलेपुर गांव के अंदर पानी घुसने से चार कच्चे घर गिरने से परिवारों की गृहस्थी बर्बाद हो गई थी। भिटौरा जाने का मुख्य मार्ग जलमग्न होने से यातायात प्रभावित हो गया था। नुकसान से आहत क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने पहली अगस्त को उन्नौर प्रधान जमुना सिंह की अगुवाई में डोलेपुर के पास भिटौरा रोड जाम कर दिया था।
किसान खांदी से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग की थी। मौके पर पहुंचकर किसानों की मांग पर एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार सदर ने किसानों के नुकसान का मुआवजा जल्द से जल्द दिलाने का आश्वासन दिया था। क्षेत्रीय लेखपाल ने नुकसान की सर्वे रिपोर्ट तैयार कर तहसील में जमा कर दिया है। रिपोर्ट में राजाराम, फूलचंद्र, गौरीशंकर, जगतपाल सिंह, दयाशंकर, कुशलपाल सिंह, गोरेलाल, महेंद्रपाल, शिवचरन सिंह, तेजबहादुर सिंह, शिवदर्शन सिंह, कुंवारे तथा शिवकुमार सहित 151 किसानों की 125 बीघे धान की फसल नष्ट होने की पुष्टि हुई है।
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भाजपा किसान मोर्चा के भिटौरा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर का कहना है कि अधिकारियों की हीलाहवाली से किसानों को मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने इसकी शिकायत सीएम तक पहुंचाने की बात कही। प्रधान जमुना सिंह का कहना है कि करीब ढाई महीने का वक्त गुजरने के बाद किसानों को मुआवजा नहीं मिला। डीएम से मिलकर किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग करेंगे।
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