कोहरा की धुंध में हेडलाइट जलाकर जाते वाहन
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सर्द हवाओं ने बच्चों और बड़ों सभी को ठिठुरा दिया है। कोहरे की धुंध के साथ सर्द हवाओं ने लोगों के अंदर कंपकंपी पैदा कर दी। कोहरे की सफेद चादर ने वाहनों पर भी ब्रेक लगाए रखा। हेडलाइट जलाकर कुछ वाहन हाईवे में रेंगते हुए नजर आए। दोपहर को निकली धूप से भी ठंड का असर कम नहीं हुआ। हालाकि लोगों ने धूप में बैठकर ठंड से कुछ राहत महसूस किया। स्कूल बंद होने की वजह से बच्चे भी छतों में बैठकर धूप का मजा लेते हुए देखे गए।
ठंड के झरोकों ने दोपहर को भी शरीर में कंपकंपी दौड़ाई। हर कोई ठिठुर रहा था। सिर से पैर तक लोग गर्म कपड़े पहने रहे।नगर पालिका ने अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं की है। सार्वजनिक स्थलों में लोग ठंड से कांपते रहे। रोडवेज सेवाएं भी ठंड से बाधित हो गई हैं। रात को आने वाली बसें दिन में आईं। बसों का इंतजार करने वाले यात्री बसअड्डा में दिनभर चाय की चुस्कियां लेते दिखाई दिए। उधर रेलवे स्टेशन में यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी से परेशान हैं। शहरी क्षेत्र के लोग तो पूछताछ केंद्र से पता करने के बाद वापस घर चले जाते हैं। गांव से आने वाले लोगों को सुबह से शाम तक इंतजार के बाद ट्रेन मिल रही है। सर्दी में दिनभर ठिठुरते रहते हैं। वहीं कचहरी में लोग आग जलाकर दिनभर तापते रहे।
फतेहपुर। कोहरा छटने के बाद धूप निकलते ही कर्मचारी दफ्तरों से बाहर आ गए। मैदान में कुर्सियों पर बैठकर धूप का आनंद लेते रहे। नहर कालोनी के जललेखा कार्यालय, सिंचाई खंड, ड्रेनेज खंड, निचली गंगा नहर के कर्मचारी धूप निकलने पर बाहर बैठे हुए दिखाई दिए। कुछ देर धूप सेंकने के बाद राहत महसूस किया। फिर दफ्तर के कामकाज निपटाए। उधर सदर अस्पताल में सूरज की किरणें जमीन पर पड़ते ही मरीज व तीमारदार धूप में बैठ गए। धूप में ही बैठकर अपना नंबर आने का इंतजार करते रहे।
फतेहपुर। कोहरा और गलनयुक्त ठंड से गेहूं की फसल को लाभ होगा। इससे फसल हरीभरी होगी। कृषि अधिकारी रविकांत सिंह ने बताया कि ठंड से गेहूं की पैदावार अच्छी होगी। गेहूं की बुआई के 18-20 दिन बाद किसान फसल की सिंचाई कर दें। इसके बाद यूरिया, जिंक का छिड़काव करें।
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