फतेहपुर। कड़ाके की ठंड से आम जनमानस की समस्या बढ़ गई हैं। अधिकतम व न्यूनतम पारा एक-एक डिग्री चढ़ा है लेकिन शीतलहर की वजह से ठंड अभी भी लोगों पर कहर बरपा रही है। दोपहर को हल्की धूप निकली, लेकिन ठंड से राहत नहीं मिली। अमौली क्षेत्र के मदरी गांव निवासी लक्ष्मीनारायन (49) को सोमवार की शाम घर पर ठंड से कंपकंपी बढ़ी तो परिजन डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर के रेफर करने पर परिजन कानपुर ले जा रहे थे। तभी जहानाबाद के पास उसकी मौत हो गई।
हांड़ कंपा देने वाली ठंड जानलेवा बनी हुई है। बूढ़े और बच्चे ठंड से बेहाल हैं। घर के अंदर रजाई में घुसे रहने के बाद भी ठिठुरन कम नहीं हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम पारा 14 से बढ़ कर 15 डिग्री व न्यूनतम पारा तीन से बढ़ कर चार डिग्री पहुुंच गया है। वहीं ठंड से मजदूरों के रोजगार पर भी संकट आ गया है। गांव से शहर आने वाले मजदूरों की संख्या बहुत कम हो गई है। जो कड़ाके की ठंड में किसी तरह से आते भी हैं।
वह सुबह से दोपहर तक रोजगार की तलाश में बैठे रहते हैं। दोपहर के बाद घर लौट जाते हैं। शहर के अलग-अलग क्षेत्र के फुटपाथ पर ठेला लगाने वालों की भीड़ कम हो गई है। ठंड की वजह से यह लोग घर से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। ऐसे में रोज मजदूरी करने और परिवार के भरण पोषण करने वाले लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। कलक्ट्रेट परिसर में मजदूरी करने वाले मजदूर तसला में आग जलाकर लेकर आए। थोड़ी देर काम करने के बाद आग तापने के लिए विवश हो रहे थे।
फतेहपुर। कड़ाके के ठंड की वजह से रोडवेज बस अड्डा और रेलवे स्टेशन की चहल-पहल कम हो गई है। सुबह से लेकर शाम तक चहल पहल रहने वाला ज्वालागंज के रोडवेज बस अड्डा में यात्रियों की भीड़ नहीं दिखाई दी। कानपुर, प्रयागराज, लखनऊ और बांदा रूट की बसों में यात्रियों की खास भीड़ नहीं दिखी। वहीं दिल्ली-हावड़ा रूट की प्रयागराज, रीवां, संगम एक्सप्रेस सुबह तीन से चार घंटा देरी से स्टेशन पहुंची। वहीं कालका, नार्थईस्ट, मुरी एक्सपे्रस पांच से छह घंटा देरी से आईं।