फतेहपुर। जिला अस्पताल में निजी एंबुलेंस से मरीजों को ले जाने व सक्रिय दलालों पर डीएम रविंद्र सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने दोनों स्थिति की शिकायत मिलने पर जिम्मेदारी सीएमएस की तय कर दी है।
वे गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की समीक्षा बैठक कलक्ट्रेट के सभागार में ले रहे थे। ये बैठक फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम 2025 (ट्रिपल ड्रग थैरपी) 10 अगस्त से 28 अगस्त 2025 के लिए आयोजित हुई। इस दौरान उन्होंने हसवा फार्मासिस्ट के नए सेंटर के संचालन के लिए सामान न उपलब्ध कराने व स्टॉक रजिस्टर भी सही से न रखने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। इस पर विभागीय कार्रवाई करने के साथ प्रभारी चिकित्साधिकारी को भी स्पष्टीकरण देने के निर्देश सीएमओ को दिए। उन्होंने सीएमएस को निर्देशित किया कि यह सुनिश्चित करें कि जिला अस्पताल में निजी एंबुलेंस व दलाल न प्रवेश कर पाएं। इसके लिए एक कर्मचारी की तैनाती करें। आगे से किसी भी मरीज को निजी एंबुलेंस में ले जाने की शिकायत प्राप्त होती है तो सीएमएस जिम्मेदारी होंगे। उन्होंने समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि फाइलेरिया किट का शत प्रतिशत वितरण कराएं। वितरण न होने तक जिला मलेरिया अधिकारी का वेतन न आहरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों से कहा कि अपने दायित्वों का निर्वाहन पूरी संवेदनशीलता के साथ करते हुए मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराए। इस मौके पर संबंधित सभी अधिकारी मौजूद रहे।