फतेहपुर। कानपुर से तबादला होकर तीन माह पहले जिले आए एआरटीओ कार्यालय के अकाउंटेंट (बाबू) शुभम सिंह को कैश में 7,900 रुपये कम मिलने पर निलंबित कर दिया गया। चार सितंबर को एडीएम विनय पांडेय और एएसपी ज्ञानप्रकाश राय की टीम की टीम ने छापा के दौरान ऑनलाइन जमा राशि और नकदी का मिलान कराया गया था।
इसमें अंतर मिलने के बाद एडीएम की रिपोर्ट पर आरटीओ प्रयागराज ने कार्रवाई की। बाबू शुभम सिंह कानपुर से स्थानांतरित होकर एआरटीओ दफ्तर में आया था। यहां उसके पास पुराने व नए वाहनों के पंजीकरण, फिटनेस फीस, टैक्स, लाइसेंस फीस और परमिट समेत कई पटलों की धनराशि जमा होती थी।
चार सितंबर को छापा के दौरान ऑनलाइन रिकॉर्ड के मुकाबले कैश में 7900 रुपये कम मिले। रुपये के अंतर पर उनसे पूछताछ की गई, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। एडीएम ने मामले की रिपोर्ट डीएम के माध्यम से प्रयागराज आरटीओ को भेजी थी। जांच में दोषी पाए जाने पर आरटीओ हिमेश तिवारी ने शुभम सिंह को निलंबित कर दिया।
छापा के दौरान एआरटीओ कार्यालय से चार दलाल भी पकड़े गए थे। इनके खिलाफ सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। कार्यालय में दलालों के जमावड़े के मामले में एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। निलंबन और एआरटीओ प्रशासन से जुड़े दोनों मामलों की जांच लखनऊ आरटीओ की टीम करेगी। आरटीओ हिमेश तिवारी ने बताया कि दोनों मामलों की जांच जल्द शुरू होगी।
बाबू के पास कई पटलों का लेनदेन
बाबू शुभम सिंह के पास पुराने व नए वाहनों के पंजीकरण, फिटनेस फीस, टैक्स, लाइसेंस फीस, परमिट आदि कार्यों की धनराशि जमा की जाती थी। छापेमारी में रुपये का अंतर मिलने के बाद उनसे पूछताछ की गई थी। वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे।