कोहरे की धुंध में हाइवे से निकलते वाहन। संवाद
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फतेहपुर। कोहरा की धुंध छाने से सोमवार को वाहनों की रफ्तार थम गई। रोडवेज बसें और अन्य वाहन रेंगते हुए चले। इस कारण लखनऊ से फतेहपुर पहुंचने में मुसाफिरों को साढ़े तीन के बजाय साढ़े पांच घंटे का समय लग गया। अन्य रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों की भी यही स्थिति रही। घने कोहरे के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। ठंड से लोग कंपकंपा गए।
अचानक मौसम का मिजाज बदल गया है। सुबह घना कोहरा छाया रहा। सुबह के समय सर्दी के साथ कोहरे ने जनजीवन प्रभावित किया। कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी रही। सर्दी के कारण शहर में बाजार भी देरी खुले। दिन में भी लाइट जलाकर वाहन रेंगते हुए चलते नजर आए। कानपुर से फतेहपुर आने वाले मुसाफिरों को यहां पहुंचने में चार घंटे लगे, क्योंकि कानपुर जानेे वाला मार्ग भी कुछ जगहों पर खराब है।
दिल्ली से फतेहपुर, फतेहपुर से प्रयागराज, बांदा समेत अन्य रूटों पर कोहरे के कारण गंतव्य स्थान पहुंचने में घंटों देर हो गई। फतेहपुर डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक दयाशंकर सिंह ने बताया कि कोहरे के कारण बसों की रफ्तार धीमी रही। दोपहर बाद कोहरा छंटा तो आवागमन सामान्य हो सका।
शहर के लोधीगंज निवासी शिवकुमार ने बताया कि उन्हें लखनऊ से फतेहपुर आना था। अमूमन साढ़े तीन घंटे का समय लगता था, लेकिन कोहरे की वजह से घर पहुंचने में साढ़े पांच घंटे लग गए। बस रेंगती हुई चल रही थी। कोहरा इतना था कि हादसे का डर भी बना था। सर्दी में ठिठुरते हुए घर पहुंचना पड़ा। राधानगर निवासी अशोक सिंह ने बताया कि उन्हें लखनऊ जाना है। डिपो पर एक घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ा। बस के इंतजार में परेशानी उठानी पड़ी।