फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फतेहपुरः डीएपी के लिए मारामारी मची, लंबी लाइन

विज्ञापन
बिंदकी इफको बिक्री केंद्र में लगी महिला किसानों की लाइन। संवाद - फोटो : FATEHPUR
विज्ञापन
फतेहपुर। डीएपी के लिए मारामारी मची है। डीएपी की रैक आने के बाद किसान खाद लेने के लिए सुबह पांच बजे से ही लाइन में लग रहे हैं। घंटों इंतजार के बाद उन्हें सिर्फ आधार कार्ड पर एक-दो बोरी डीएपी बमुश्किल मिल पा रही है।
विज्ञापन

रविवार को जिले में 1881.750 मीट्रिक टन डीएपी व 816.750 मीट्रिक टन एनपीएस आई है। देर शाम तक जिले की 64 साधन सहकारी समितियों में डीएपी भेजी गई। बची हुई समितियों में सोमवार को डीएपी पहुंच गई। डीएपी की सूचना मिलते ही किसान खाना-पानी छोड़कर डीएपी लेने के लिए समिति पहुंच गए। किसानों से डीएपी का रुपया जमा कराने और पीओएस मशीन में अंगूठा लगवाने के बाद टोकन दिया। बाद में टोकन लेकर किसानों को डीएपी दी गई।
बिंदकी इफको बिक्री केंद्र में सुबह पांच बजे से डीएपी लेने वाले किसान लाइन में लग गए। घंटों इंतजार के बाद किसानों को एक-दो बोरी डीएपी मिल सकी। बहुआ सहकारी समिति में सोमवार सुबह ही किसान पहुंच गए। सुबह नौ बजे के बाद खाद की बिक्री शुरू हुई। यहां पर तीन बोरी तक डीएपी दी गई।
विज्ञापन

थरियांव के सीतापुर सहकारी समिति में डीएपी रविवार देर शाम पहुंची। मशीन में स्टॉक फीड न होने के कारण वितरण देर में शुरू हुआ। किसान खाद का रुपये जमा करने के लिए लाइन में देर शाम तक खड़े रहे। मौहार सेवा सहकारी समिति में भोर पांच बजे ही किसान पहुंच गए। सुबह आठ बजे सचिव को डीएपी का रुपया देकर टोकन ले लिया। देर शाम तक डीएपी लेने के लिए किसान इंतजार करते रहे।
जिले में डीएपी के लिए हो रही मारामारी से निजात पाने को अब किसान परिवार की महिलाओं और बेटियों को भी लाइन में खड़ा कर रहे हैं। बिंदकी के इफको बिक्री केंद्र पर एक ऐसी ही लाइन खाद लेने के लिए आई महिलाओं और युवतियों की लगी थी। बिंदकी इफको बिक्री केंद्र में शाम को केंद्र प्रभारी ने बिक्री बंद कर दी। तब किसानों ने हंगामा किया और जहानाबाद विधायक राजेंद्र पटेल को फोन किया। तब विधायक ने एसडीएम बिंदकी को फोन करके किसानों को खाद दिलाने को कहा। तहसीलदार सर्वेश गौड़ ने डीएपी दिलवाई।
विज्ञापन

आधार पर दो बोरी ही डीएपी दी जाएगी। किसान आधार लेकर जाएं और पीओएस मशीन में अंगूठा लगाकर ही डीएपी खरीदें।
- बृजेश सिंह, जिला कृषि अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें