सीतापुर साधन सहकारी समिति में डीएपी लेने के लिए लगी किसानों की भीड़। संवाद
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फतेहपुर। किसानों को जरूरत के अनुसार डीएपी नहीं मिल रही है। खतौनी देने के बाद भी किसी को एक तो किसी को तीन बोरी ही डीएपी दी जा रही है। डीएपी लेने के लिए लंबी लाइनें लग रही हैं। किसानों में धक्कामुक्की हो रही है। समितियों के चक्कर लगाने में खेतों की नमी कम हो रही है। किसानों को चिंता है कि समय पर बुआई न हुई तो फसलों का अंकुरण भी सही ढंग से नहीं होगा।
रबी फसल बुआई में डीएम के आदेश पर समितियों से एक आधार पर सिर्फ तीन बोरी ही डीएपी दी जा रही है। इसके लिए किसानों को खतौनी देनी पड़ती है। खेती का कम क्षेत्रफल होने पर तीन बोरी से भी कम कर दिया जाता है। वहीं जिनके पास अधिक खेती का क्षेत्रफल है, उनको तीन बोरी से अधिक डीएपी नहीं मिल रही है। ऐसे में किसान परेशान हैं।
सीतापुर सहकारी समिति में डीएपी लेने आए जानिकपुर के किसान रामराज पाल ने बताया कि असोथर, सातो जोगा सहकारी समिति में डीएपी नहीं मिली तो थरियांव समिति में डीएपी लेने आए हैं। दोपहर में समिति में पहुंचे तो लंबी लाइन लगी थी। समिति के सचिव ने साढ़े चार बजे डीएपी की बिक्री बंद कर दी। रविवार को समिति बंद रहेगी। सोमवार को ही कहीं न कहीं से डीएपी मिलेगी।
मवइया के किसान अशोक कुमार ने बताया कि सुबह से शाम तक सहकारी समिति में लाइन लगाए रहे। नंबर नहीं आया तो प्राइवेट दुकान से डीएपी खरीद कर लाए हैं। भिटौरा रोड के बिसौली कस्बा से 13.50 रुपये वाली डीएपी 1400 रुपये में लाए हैं। मजबूरी में अधिक दाम पर डीएपी खरीदनी पड़ी।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता रामनयन सिंह ने बताया कि 250 मीट्रिक टन डीएपी गोदाम में हैं। शनिवार को 10 समितियों में डीएपी भेजी गई है। किसानों की सहूलियत के लिए रविवार यानि छुट्टी के दिन समितियों में पहुंची खाद को मशीन में फीड करा दिया जाएगा। ताकि किसानों को रविवार को भी खाद मिल सके।
रबी फसलों की बुआई के लिए जिले में बढ़ी डीएपी की डिमांड को देखते हुए इफ्को से एक रैक डीएपी अगले हफ्ते में मिल जाएगी। उसके बाद डीएपी की किल्लत खत्म हो जाएगी। फसलों की बुआई भी किसान आसानी से कर सकेंगे। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता रामनयन सिंह ने बताया कि उड़ीसा के पारादीप इफ्को प्लांट में रविवार को जिले के भेजी जाने वाली डीएपी लोडिंग की जाएगी। अगले हफ्ते में एक रैक डीएपी आने की संभावना है।