फतेहपुर। बाढ़ से फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू हो गया है। कृषि विभाग ने ग्राम पंचायत स्तर पर तीन सदस्यीय टीम बनाईं हैं। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक बीमा कंपनी मुआवजा तय करेगी। उप कृषि निदेशक राममिलन सिंह परिहार ने बताया कि जिन किसानों ने बीमा नहीं कराया है, उनकी भी मदद के लिए शासन स्तर से प्रयास हो रहे हैं।
जांच टीम में राजस्व विभाग से एक लेखपाल, कृषि विभाग से एक कर्मचारी व किसानों की फसलों का बीमा करने वाली कंपनी यूनिवर्सल सैम्पो का एक कर्मचारी शामिल किया गया है। रिपोर्ट में बोए गए रकबा, फसल का प्रकार, नुकसान का अंश और फसल बीमा की जानकारी शामिल की जाएगी। जिनकी फसलें बाढ़ की चपेट में आईं, लेकिन फसल पूरी तरह से नष्ट नहीं हुई, लेकिन पिछले साल के मुताबिक इस बार उत्पादन कम हुआ है तो उन्हें भी मुआवजा दिया जाएगा। उप कृषि निदेशक ने बताया कि फसलों के सर्वे में किसी प्रकार की लापरवाही की जाती है तो किसान मोबाइल नंबर 9451350832 पर दर्ज कराएं।
इन गांवों की सूची बनाई
असोथर ब्लाक- ललौली, पलटूपुर, अढ़ावल, उरौली, दसौली, दतौली धनुबन, कोर्राकनक, हड़ाही, मैनाही, धोबिया, ओनई, मुत्तौर, देवलान, लिलरा, सरवल, ओती, रामनगर कौहन।
बहुआ ब्लाक- लमेहटा
विजयीपुर ब्लाक- किशनपुर, गुरुवल, गढ़ीवा, संदुरी बकेउरा (जगदीशपुर), गाजीपुर, अर्जुनपुर।
अमौली ब्लाक- दपसौरा, परसेढ़ा, औरानिस्फी, गंगौली, मिस्सी
फसलों का सर्वे कराने के लिए ग्राम पंचायतवार टीम बनाई गईं हैं। तीन दिन सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे में अगर किसी किसान का नाम छूट रहा है तो वह योजना प्रभारी कुंवरसेन गंगवार से संपर्क कर सकते हैं।
-राममिलन सिंह परिहार, उप कृषि निदेशक