जीटी रोड में बिना हेलमेट में बाइक सवार। संवाद
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फतेहपुर। दो पहिया वाहनों में पीछे बैठने वालों को भी हेलमेट पहनने की अनिवार्यता है, लेकिन यहां तो ज्यादातर चालक ही हेलमेट नहीं लगाते हैं। हेलमेट न लगाने से हादसों में लोगों की जान चली जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक हेलमेट का इस्तेमाल कर हादसों का खतरा 64 प्रतिशत कम हो जाता है। फिर भी लोग हेलमेट की अनदेखी करते हैं।
जनवरी से लेकर अगस्त तक हेलमेट नहीं लगाने पर 22 हजार 766 लोगों पर कार्रवाई की गई है। इन पर 25 लाख का जुर्माना लगाया गया है। इस कार्रवाई का भी कोई असर नहीं दिखाई देता है। जिले में ई-चालान की व्यवस्था 2019 से लागू है। इसके बाद से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बढ़ी है। यातायात नियमों को तोड़ने पर जुर्माना की राशि भी कई गुना बढ़ चुकी है। यातायात नियम तोड़ने पर इस साल अब तक 42 हजार 410 वाहनों पर कार्रवाई की गई है। इन पर 45 करोड़ का जुर्माना लगा है। अधिकांश लोगों पर हेलमेट व सीट बेल्ट न लगाने और तीन सवारी बैठाने पर जुर्माने की कार्रवाई होती हैं। इनमें से कोई नियम तोड़ने पर एक हजार रुपये जुर्माना लगता है। ड्राइविंग लाइसेंस न होने पर पांच हजार और नो इंट्री पर 20 हजार का जुर्माना है। ध्वनि प्रदूषण फैलाने पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगता है।
जिले में सड़क हादसों में प्रतिदिन मौत होती है। यातायात पुलिस के आंकड़े के मुताबिक 2021 में 619 सड़क हादसे हुए। इन हादसों में 410 लोगों की मौत और 336 घायल हुए। साल 2022 में 441 सड़क हादसे हो चुके हैं। इनमें 298 लोग जान गवां चुके हैं। 233 लोग घायल हुए हैं। अभी साल के करीब ढाई महीने बाकी है। साफ है कि प्रतिदिन जिले में एक से अधिक मौत होने का औसत आंकड़ा है।
यातायात नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। दो पहिया वाहन चालक को हेलमेट पहनना आवश्यक है। पीछे बैठने वालों को भी नियम के अनुसार हेलमेट लगाना चाहिए।
- राजेश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक