बकेवर। अघोषित बिजली कटौती के विरोध में किसानों ने हंगामा किया। उपकेंद्र का पांच एमवीए का फुंका ट्रांसफार्मर 15 दिन बीतने के बाद भी नहीं बदला गया है। दूसरे ट्रांसफार्मर से कटौती करके 24 घंटे में तीन से चार घंटे ही लोगों को बिजली मिल रही है। किसानों ने कहा कि इस समय फसलों की सिंचाई करने का समय है। उमस भरी गर्मी में धान की फसल सूखने लगी है। एक हफ्ते में सिंचाई नहीं की गई तो पूरी फसल चौपट हो जाएंगी।
जहानाबाद विधायक राजेंद्र सिंह पटेल ने एक्सईएन को फोन करके ट्रांसफार्मर सही करने के लिए कहा। एक्सईएन ने किसानों से दो दिन का समय मांगा और ट्रांसफार्मर बदलाकर बिजली आपूर्ति पटरी पर लाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर विश्राम सिंह, रामकुमार, रज्जन, श्यामनारायन, विनीत, रामराज, जयराम निषाद, चुन्नीलाल यादव, रामकिशन, संजय पटेल, रामकिशुन, गंगानारायण, छेदालाल, देवदत्त, विनोद वर्मा राजू वर्मा, अवधेश यादव मौजूद रहे।
बहुआ संवाद के मुताबिक भाकियू (अरा) का उपकेंद्र में रविवार से चल रहा धरना 28 घंटे बाद समाप्त हो गया। धरना एसडीएम सदर अवधेश निगम और नायब तहसीलदार विकास पांडेय के आपूर्ति में सुधार के आश्वासन पर समाप्त हुआ।
भाकियू ने उपकेंद्र पर रविवार चार बजे से धरना शुरू किया। तभी रविवार रात को ही अधिशासी अभियंता राजमंगल सिंह टीम के साथ पहुंचे। पर, भाकियू के पदाधिकारियों से हुई वार्ता विफल रही। किसानों की मांग थी कि निर्बाध रूप से किसानों को बिजली दी जाए। इसमें कम से कम छह घंटे होना चाहिए। इस मांग पर सोमवार शाम आठ बजे धरना समाप्त हुआ।
सोमवार दोपहर तक जब धरना प्रदर्शन पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो जिला महासचिव की अगुवाई में दोपहर बाद तीन बजे किसानों ने बांदा-टांडा हाईवे जाम कर दिया। सूचना पर पहुंचे ललौली एसओ आलोक पांडेय ने किसानों को समझा कर आधे घंटे में किसानों को हाईवे से हटा दिया। किसानों ने फिर उपकेंद्र पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद में एसडीएम के आश्वासन पर धरना खत्म हुआ। इस मौके पर सदर तहसील अध्यक्ष दीपक गुप्ता, ब्लाक अध्यक्ष सोनू सिंह गौतम, घनश्याम गुप्ता, भानु पटेल, बउवन शुक्ला, रंजीत यादव, शिवजीत सिंह, नागेंद्र सिंह, कामता गुप्ता, जितेंद्र सिंह मौजूद रहे।