फतेहपुर। साधन सहकारी समितियों का कंप्यूटराइजेशन कराया जाएगा। 74 सक्रिय साधन सहकारी समितियों में 16 को पहले चरण में कंप्यूटराइजेशन होगा। इसके बाद एक क्लिक पर समितियों की पूरी जानकारी मिलेगी।
शासन ने वर्ष 2027 तक सभी समितियों को कंप्यूटरीकृत करने का लक्ष्य रखा है। यह काम राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से कराया जाएगा। समितियों के सभी काम कंप्यूटर पर होंगे। किसानों को कंप्यूटराज बिल दिए जाएंगे। रजिस्टर में लिखने का काम खत्म होगा। सहकारिता के लेनदेन की गड़बड़ी रोकने के लिए सहकारी समितियों को ऑनलाइन किया जाएगा। सहकारिता विभाग को एक ही सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा। इससे सभी सहकारी बैंकों से समितियां से जुड़ जाएंगी। कंप्यूटरीकरण होने से विभाग के अधिकारी कहीं भी बैठकर एक क्लिक पर कंप्यूटर स्क्रीन पर समितियों का काम डाटा देख सकेंगे।
प्रथम चरण में यहां होगा काम
साधन सहकारी समिति गाजीपुर, मेवली, हसवा, बरारी, अंदौली, सीतापुर, सातो जोगा, टेक्सारी बुजुर्ग, देवरी लक्ष्मणपुर, जमरावां, हुसैनगंज, खजुहा, पधारा, कारीकान धाता, सरसई खागा, सिठौरा।
पहले चरण में कंप्यूटराइज्ड कराई जाने वाली समितियों का डाटा बनाकर शासन को भेजा गया है। कंप्यूटराइज्ड होने के बाद समितियों को ऑनलाइन जोड़ा जाएगा। इससे किसी भी समिति का बिजनेस एक क्लिक पर दिखने लगेगा।
- रामनयन सिंह, सहायक निबंधक एवं सहायक आयुक्त सहकारिता